Pakistan: 'इमरान और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को टीवी पर भी नहीं आने देगी सरकार', चैनलों के लिए नियम जारी
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी की। इसमें सभी सैटेलाइट टीवी चैनल लाइसेंसधारियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और किसी भी घृणा फैलाने वाले, अपराधियों और उनके मददगारों को अनजाने में बढ़ावा न दें।
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पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया वॉचडॉग ने देश के टीवी चैनलों से कहा है किसी भी हिंसा फैलाने वाले अपराधियों और उनके मददगारों का बहिष्कार करें। साथ ही टीवी चैनलों को नौ मई की हिंसा से सबक लेते हुए किसी भी राजनीतिक दल के कंट्टरपंथियों को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी है। बता दें, इस मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान पर निशाना साधा है।
पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी की। इसमें सभी सैटेलाइट टीवी चैनल लाइसेंसधारियों को निर्देश दिया कि वे सतर्क रहें और किसी भी घृणा फैलाने वाले, अपराधियों और उनके मददगारों को अनजाने में बढ़ावा न दें।
9 मई की घटना से लें सबक
गौरतलब है, नौ मई को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रमुख इमरान खान को गिरफ्तार करने के बाद उनके समर्थकों ने देश में विरोध प्रदर्शन किया था। इससे पूरे देश में हिंसा का माहौल हो गया था। इतना ही नहीं, पीटीआई प्रमुख का समर्थन करने वालों ने लाहौर कोर कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों में तोड़फोड़ की थी। इसके अलावा, विरोधियों ने पहली बार रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी हमला किया। वहीं, बाद में खान को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
सरकारी संपत्तियों को बनाया निशाना
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिसूचना में कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना ने नौ मई को काला दिवस बताया है। इसमें आगे कहा गया है कि राजनीतिक दल के कट्टरपंथियों ने राज्य और सार्वजनिक संपत्तियों पर हमला किया, निर्दोष जीवन को खतरे में डाला और देश और राज्य संस्थानों को कमजोर करने के लिए राज्य विरोधी को बढ़ावा दिया जो एक भयानक प्रवृत्ति है। रिपोर्ट के अनुसार, आदेश में कहा गया कि संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है, लेकिन इस अधिकार के अपवाद भी हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय एकता को दें बढ़ावा
रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, इस बात को रेखांकित करते हुए पीईएमआरए ने निर्देश दिया कि नफरत फैलाने वालों को ब्लैक आउट किया जाना चाहिए और उन्हें टेलीविजन पर प्रचारित नहीं किया जाना चाहिए और हिंसक, भेदभावपूर्ण सामग्री प्रसारित नहीं की जानी चाहिए।
अधिसूचना में कहा गया कि कोई भी मीडिया संस्था किसी भी लाइव कार्यक्रम को तब तक प्रसारित नहीं करेगा जब तक कि यह सुनिश्चित न हो जाए कि इसमें ऐसा कुछ नहीं है, जो पाकिस्तान की सुरक्षा में खलल डाले।