फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan's caretaker PM Kakar summoned by Islamabad HC in missing Baloch students case

Pakistan: लापता छात्रों से जुड़े मामले में कार्यवाहक PM को समन, 29 नवंबर को अदालत में पेश होने का आदेश

Wed, 22 Nov 2023 05:10 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 22 Nov 2023 05:10 PM IST
सार

Pakistan: इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि इस देश के लोगों के साथ इससे बड़ा अन्याय क्या होगा कि उन्हें जबरन गायब किया जा रहा है। लोगों की गुमशुदगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए न्यायाधीश ने कहा, क्या हमें इस मामले को संयुक्त राष्ट्र को भेजना चाहिए और अपने देश का अपमान कराना चाहिए?

विज्ञापन
Pakistan's caretaker PM Kakar summoned by Islamabad HC in missing Baloch students case
court Order - फोटो : Social Media

विस्तार

अशांत बलूचिस्तान प्रांत से लापता 55 छात्रों से जुड़े मामले में कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने उन्हें इस मामले में समन जारी कर 29 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या उसे इस मामले को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को भेजना चाहिए। 

विज्ञापन

पाकिस्तान के एक प्रमुख समाचार पत्र ने अपनी खबर में बताया कि उच्च न्यायालय ने काकर को निर्देश दिया कि अगर वह 'बलूच जबरन गुमशुदगी आयोग' की सिफारिशों के अनुसार लापता छात्रों की बरामदगी सुनिश्चित नहीं करते हैं तो वह उसके समक्ष पेश हों। न्यायमूर्ति मोहसिन अख्तर कयानी ने जबरन गुमशुदगी के मामले में जांच आयोग की सिफारिशों को लागू करने से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लापता लोगों का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों या संगठनों की जिम्मेदारी तय करने के लिए साल 2011 में इस आयोग का गठन किया गया था। एक अन्य समाचार पत्र की खबर के मुताबिक, इससे पहले 10 अक्तूबर को हुई सुनवाई में आईएचसी ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह लापता बलूच छात्रों को बरामद करने की अपनी जिम्मेदारी निभाए। 

विज्ञापन

आज की सुनवाई में अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल ने न्यायमूर्ति कयानी से अनुरोध किया कि वह मंत्रियों या प्रधानमंत्री को समन जारी न करें। उनके अनुरोध को अस्वीकार करते हुए न्यायाधीश ने कहा, इसमें (प्रधानमंत्री या मंत्रियों को समन जारी करने में) कुछ भी गलत नहीं है। हर कई इसका (गुमशुदगी के मामले का) मजाक बना रहा है। 

उन्होंने आगे कहा, इस देश के लोगों के साथ इससे बड़ा अन्याय क्या होगा कि उन्हें गायब किया जा रहा है? लोगों की गुमशुदगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, क्या हमें इस मामले को संयुक्त राष्ट्र को भेजना चाहिए और अपने देश का अपमान कराना चाहिए? अंतरिम प्रधानमंत्री ने पिछले महीने माना था कि संयुक्त राष्ट्र की एक उप-समिति के अनुमान के अनुसार बलूचिस्तान में करीब पचास लोगों को जबरन गायब कर दिया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed