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पाकिस्तान ने नहीं दी जाधव के लिए भारतीय वकील की मंजूरी, दिया भारत के सुप्रीम कोर्ट का हवाला

Fri, 28 Aug 2020 04:06 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 28 Aug 2020 04:06 AM IST
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Pakistan refuses to approve Indian lawyer for kulbhushan jadhav
Kulbhushan jadhav - फोटो : PTI

पाकिस्तान ने जासूसी के झूठे आरोप में मौत की सजा पाए भारतीय कैदी कुलभषण जाधव के मामले में एक बार फिर दोगला रवैया दिखाया है। पाकिस्तान ने भारत की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें जाधव के मामले की पैरवी करने के लिए भारतीय वकील नियुक्त करने की इजाजत मांगी गई थी। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि कानूनन यह संभव नहीं है कि भारतीय वकील को हमारे देश की एक अदालत में जाधव का प्रतिनिधित्व करने की इजाजत दी जा सके।

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पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी से साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारत की इस मांग के बारे में पूछा गया था। भारत ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में 3 सितंबर से चालू हो रही जाधव मामले की सुनवाई में अपना वकील भेजने की इजाजत मांगी थी। चौधरी ने कहा, भारतीय पक्ष भी कमांडर जाधव का प्रतिनिधित्व करने के लिए भारतीय वकील को मंजूरी देने की बेतुकी मांग कर रहा है।
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हम लगातार कह रहे हैं कि केवल वे वकील कमांडर जाधव का पक्ष कोर्ट में पेश कर सकते हैं, जो पाकिस्तान में कानून की प्रैक्टिस करने का लाइसेंस रखते हैं। यह मामला भी अन्य न्यायालयों में वकालत करने के अनुरूप है।
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50 वर्षीय जाधव भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जिन्हे पाकिस्तान ने जासूसी के आरोप में बलूचिस्तान से गिरफ्तार करने का दावा किया था। हालांकि भारत ने जाधव का अपहरण पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ईरान के चाबहार बंदरगाह से करने का आरोप लगाया था, जहां वे अपने व्यापार के सिलसिले में गए हुए थे। पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जाधव को मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी, जिसने पिछले साल जुलाई में सजा पर रोक लगाते हुए दोबारा सुनवाई का आदेश दिया था।
 
भारतीय सुप्रीम कोर्ट का दिया हवाला
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय सुप्रीम कोर्ट एक निर्णय का हवाला देकर अपनी बात सही साबित करने की कोशिश की। प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने एक निर्णय में कहा था कि विदेशी वकील देश के अंदर कानूनी प्रैक्टिस नहीं कर सकते हैं। प्रवक्ता ने कहा, आईसीजे ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा था कि समीक्षा और पुनर्विचार की प्रक्रिया पाकिस्तानी अदालत में पाकिस्तानी कानून के हिसाब से पूरी की जाएगी।


आईसीजे के निर्णय के तत्काल बाद पाकिस्तान ने जाधव को उसके अधिकार की जानकारी दे दी थी और राजनयिक पहुंच उपलब्ध करा दी थी और मृत्युदंड को स्थगित कर दिया था। हालांकि प्रवक्ता का यह दावा पाकिस्तान पर आईसीजे के निर्णय का पालन नहीं करने के भारतीय आरोपों के विपरीत है।

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