Pakistan Politics: रिकॉर्ड महंगाई के बीच पाकिस्तान के सत्ता पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ खोला मोर्चा
Pakistan Politics: राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पीडीएम अभी किसी चुनाव का सामना करने को तैयार नहीं है। देश में आर्थिक मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंतरारष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों का पालन करने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने बिजली शुल्क समेत कई चीजों पर टैक्स बढ़ाए हैं...
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सत्ताधारी गठबंधन- पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने अब सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और खैबर पख्तूनवा प्रांतों में चुनाव कराने के मुद्दे पर अपनी पहल पर (सुओ मोटो) सुनवाई शुरू की है, उससे पीडीएम में बेचैनी और नाराजगी पैदा हुई है। सत्ताधारी गठबंधन की कोशिश चुनाव टलवाने की रही है।
आरोप है कि इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग पीडीएम की मंशा के मुताबिक काम कर रहा था। उसने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति आरिफ अल्वी से टकराव मोल ले लिया था। लेकिन इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल ने इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए नौ जजों की बेंच बनाई है। पीडीएम ने शुक्रवार को उनमें से दो जजों पर निशाना साधा। पीडीएम ने कहा है कि इन दोनों जजों- जस्टिस मजाहिर अली अकबर नकवी और जस्टिस इजाजुल अहसान को इस मामले से खुद को अलग कर लेना चाहिए। उधर पीडीएम में शामिल तीन दलों- जमायत उलेमा ए इस्लाम- फजल (जेयूआईएफ), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएलएन) ने चीफ जस्टिस से मांग की है कि इस मसले पर सुनवाई के लिए बनी बेंच में वे सुप्रीम कोर्ट के बाकी सभी जजों को भी शामिल करें।
नौ जजों की बेंच शुक्रवार को जिस समय इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी, तभी पीपीपी के वकील फारूक एच नाइक ने पीडीएम का साझा बयान पढ़ा। उधर शहबाज शरीफ सरकार की तरफ से पेश हुए अटार्नी जनरल ने कहा कि सभी पक्षों को कोर्ट का नोटिस नहीं मिला है। इसलिए कई पक्ष सुनवाई के समय हाजिर नहीं हुए हैं। पर्यवेक्षकों के मुताबिक पीडीएम और शहबाज शरीफ सरकार के ऐसे रुख का मकसद सुनवाई में टाल-मटोल करना है। सत्ता पक्ष की समझ है कि उसका मकसद चुनाव में देर करना है, जिसे कोर्ट की कार्यवाही को लटका कर भी किया जा सकता है।
अवामी मुस्लिम लीग (एएमएल) पार्टी के प्रमुख शेख रशीद ने कहा है कि पीडीएम अपने इस रुख से न्यायपालिका का मखौल उड़ा रही है। उन्होंने कोर्ट से गुजारिश की है कि वह इस मामले पर भी गौर करे। एएमएल पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का सहयोगी दल है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पीडीएम अभी किसी चुनाव का सामना करने को तैयार नहीं है। देश में आर्थिक मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अंतरारष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शर्तों का पालन करने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने बिजली शुल्क समेत कई चीजों पर टैक्स बढ़ाए हैं। इसके अलावा प्रत्यक्ष करों में भी बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले से ही असाधारण रूप से ऊंचे स्तर पर चल रही महंगाई ने नया रिकॉर्ड बना दिया है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक 23 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह में महंगाई दर 41.54 फीसदी तक पहुंच गई। पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स ने अपने बयान में कहा है कि प्राकृतिक गैस, सिगरेट, केला, चिकेन, शक्कर, खाद्य तेलों, घी और चाय पत्ती की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।