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Hindi News ›   World ›   Pakistan: PM Shehbaz criticises President Alvi for returning SC bill, calls him "PTI worker"

राष्ट्रपति अल्वी पर भड़के पाकिस्तान के PM: शहबाज ने कहा- PTI कार्यकर्ता की तरह कर रहे काम, ये आरोप भी लगाए

Sun, 09 Apr 2023 08:10 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 09 Apr 2023 08:10 AM IST
सार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट (प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर) बिल, 2023 को अहस्ताक्षरित लौटाने के लिए राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी की आलोचना की और उन्हें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का कार्यकर्ता बताया।
 

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Pakistan: PM Shehbaz criticises President Alvi for returning SC bill, calls him "PTI worker"
पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट (प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर) बिल, 2023 को बिना पास किए वापस लौटाने के डॉ. अल्वी के फैसले की शहबाज ने आलोचना की। गुस्से में शहबाज ने राष्ट्रपति अल्वी को इमरान खान की पार्टी PTI का कार्यकर्ता तक कह डाला। बिल का उद्देश्य मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों को कम करना है। जिसमें स्वप्रेरणा और पीठों का गठन शामिल है। उधर, पीटीआई ने कानून पारित करने के कदम की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह 'न्यायपालिका पर हमला' है।
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शहबाज ने क्या कहा? 
जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट (प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर) बिल, 2023 को अहस्ताक्षरित लौटाने के लिए राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी की आलोचना की और उन्हें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) का कार्यकर्ता बताया।
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शहबाज ने एक ट्वीट में कहा, 'राष्ट्रपति अल्वी ने संसद द्वारा विधिवत पारित सर्वोच्च न्यायालय के विधेयक को लौटाना सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है।' प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यों के माध्यम से अपने कार्यालय को छोटा कर दिया है क्योंकि वह 'संविधान और अपने कार्यालय की मांगों से अधिक इमरान नियाजी के प्रति समर्पित हैं।' 
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शहबाज ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने अपने कार्यों से अपने कार्यालय का अपमान किया है क्योंकि वह अपने संवैधानिक कर्तव्यों को पूरा करने के बजाय पीटीआई प्रमुख के आदेशों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा, 'अपने आचरण के माध्यम से, उन्होंने पीटीआई के एक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करके प्रतिष्ठित कार्यालय का अपमान किया है, जो संविधान और अपने कार्यालय की मांगों से अधिक इमरान नियाजी के प्रति समर्पित है।'

पहले भी कई प्रस्ताव वापस लौटा चुके हैं अल्वी 
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब राष्ट्रपति अल्वी ने शहबाज शरीफ सरकार के किसी बिल को वापस लौटाया हो। इसके पहले भी वह कई बिल को वापस लौटा चुके हैं। पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा में चुनावों को लेकर देश में गहराते राजनीतिक और संवैधानिक संकट के बीच इस बिल को पिछले महीने संसद के दोनों सदनों ने मंजूरी दे दी थी और सहमति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा था। अल्वी के कानून को मंजूरी देने से इनकार करने के बाद, सरकार के संसद के संयुक्त सत्र से इस विधेयक के पारित होने की संभावना है।

राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के प्रावधानों के अनुसार संसद को पुनर्विचार के लिए विधेयक वापस कर दिया, जिसमें कहा गया कि विधेयक प्रथम दृष्टया संसद की क्षमता से परे है और इसे रंगीन कानून के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। पीएम शहबाज शरीफ को लिखे अपने पत्र में, राष्ट्रपति अल्वी ने कहा कि उन्होंने संविधान के अनुसार, इसकी वैधता के बारे में जांच को पूरा करने के लिए पुनर्विचार के अनुरोध के साथ, विधेयक को वापस करना उचित और उचित समझा (यदि न्यायालय में चुनौती दी गई है)।


राष्ट्रपति ने पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की सरकार के गठन के बाद से बिल लौटाए हैं और पीएम शहबाज सहित संघीय कैबिनेट के कई सदस्यों को शपथ दिलाने से भी इनकार कर दिया है। 
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