Pakistan Political Crisis: इमरान खान की विपक्ष को पेशकश, अविश्वास प्रस्ताव वापस लें तो भंग कर देंगे असेंबली
पाकिस्तान में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव से प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी पर संकट गहरा हो गया है। अभी तक विपक्ष को 'क्लीन बोल्ड' करने की बातें करते नजर आए इमरान खान ने अब सुर बदल लिए हैं और विपक्षी नेताओं को एक प्रस्ताव भेजा है।
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पाकिस्तान में चल रहे राजनीतिक संकट में विपक्ष का नंबर गेम मजबूत हो रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को वापस ले लिया जाता है तो वह असेंबली भंग कर देंगे। यह जानकारी जियो न्यूज की एक रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक महत्वपूर्ण शख्सियत ने इमरान खान का यह संदेश नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ तक पहुंचाया है। सूत्रों ने अनुसार अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए असेंबली सत्र से पहले विपक्षी नेताओं की बैठक में यह बात सामने आई।
सूत्रों ने आगे बताया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने यह भी कहा है कि अगर विपक्षी दल मेरे इस सुझाव पर सहमत नहीं होते हैं तो मैं किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूं। इसके बाद संयुक्त विपक्ष ने बैठक के दौरान इमरान खान के सुझाव और संदेश पर विचार-विमर्श किया है।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अधिकांश विपक्षी नेताओं ने यही सुझाव दिया है कि इमरान खान पर भरोसा न किया जाए। उनका कहना है कि इस समय हमारे पास असेंबली में पर्याप्त संख्या बल है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी हो जाती है हमें ही फायदा होगा।
धमकी भरे पत्र को लेकर एक देश के खिलाफ कदम उठाएगी एनएससी
पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) ने इमरान खान की सरकार को बदलने के लिए विदेशी साजिश का संकेत देने वाले एक कथित धमकी भरे पत्र को लेकर एक देश के खिलाफ मजबूत राजनीतिक कदम उठाने का फैसला किया है। हालांकि, इसने किसी देश का नाम नहीं लिया। प्रधानमंत्री इमरान खान ने उस देश में पाकिस्तान के राजदूत की ओर से भेजे गए इस विवादित पत्र को लेकर एनएससी की 37वीं बैठक की अध्यक्षता की। एनएससी ने फैसला किया कि उस देश के साथ विरोध शुरू किया जाना चाहिए।