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पाकिस्तान: अब शुरू हुई ‘पेट्रोल बम' पॉलिटिक्स, बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी

Sat, 04 Jun 2022 06:20 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 04 Jun 2022 06:20 PM IST
सार

पीटीआई नेता इमरान खान ने शुक्रवार को खैबर पख्तूनवा प्रांत के बुनेर शहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब वे प्रधानमंत्री थे, तब उन पर भी आईएमएफ ने पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के लिए दबाव डाला था। लेकिन उन्होंने दबाव में आने से इनकार कर दिया...

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Pakistan: people against the steep hike in the price of petrol and electricity
पाकिस्तान में पेट्रोल पंप - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

पाकिस्तान में पेट्रोल और बिजली की कीमत में भारी बढ़ोतरी के खिलाफ लोगों में गुस्सा फैल रहा है। इससे शहबाज शरीफ सरकार बचाव की मुद्रा अपनाने पर मजबूर हुई है। उधर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब अपने सरकार विरोधी अभियान में इस मुद्दे को प्रमुख बना लिया है। उनका इल्जाम है कि शरीफ सरकार के अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ‘गुलामी’ करने के कारण पाकिस्तान की जनता पर यह भारी मार पड़ी है।

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शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार ने 26 मई और दो जून को 30-30 रुपये की दो किश्तों में पेट्रोल के दाम बढ़ाए। यानी एक हफ्ते में पेट्रोल की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गई है। साथ ही बिजली शुल्क में 7.91 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पाकिस्तान में आम बोलचाल में कहा जा रहा है कि शरीफ सरकार ने जनता पर ‘पेट्रोल बम’ गिराए हैं। इस मुद्दे पर देश में तेज होती आलोचना के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को लोगों से उपभोग घटाने और ‘सादा जीवन’ जीने की सलाह दी। विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इसे असंवेदनशील बयान बताया है।

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बिगड़ा आम परिवारों का बजट

पीटीआई नेता इमरान खान ने शुक्रवार को खैबर पख्तूनवा प्रांत के बुनेर शहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब वे प्रधानमंत्री थे, तब उन पर भी आईएमएफ ने पेट्रोलियम के दाम बढ़ाने के लिए दबाव डाला था। लेकिन उन्होंने दबाव में आने से इनकार कर दिया। उन्होंने इल्जाम लगाया कि पाकिस्तान के मौजूदा शासकों ने अपने देशवासियों की मुसीबत से आंख फेर ली और आईएमएफ के दबाव में झुक गए।

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विश्लेषकों के मुताबिक दो झटकों में बढ़ाई गई महंगाई से आम परिवारों का बजट बिगड़ने का अंदेशा है। इस वजह से लोग अब इमरान खान के इस आरोप पर ध्यान देने लगे हैं कि मौजूदा सत्ताधारी नेताओं ने अपनी तमाम संपत्ति विदेशों में जमा कर रखी है और उन्हें पाकिस्तान की हालत या भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। इसीलिए उसने ‘पेट्रोल बम’ गिराए हैं। पेट्रोल के दाम में हुई बढ़ोतरी के लिए ‘पेट्रोल बम’ शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले इमरान खान ने ही किया। फिर ये देश भर में चर्चित हो गया। बुनेर की सभा में इमरान खान ने ‘बिजली बम’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह बम अभी आगे भी फटने वाला है। उनका इशारा बिजली शुल्क में संभावित अगली वृद्धि की तरफ था।

इमरान सरकार पर मढ़ा दोष

उधर प्रधानमंत्री शरीफ ने ग्वादार में एक समारोह में मौजूदा महंगाई का दोष पूर्व पीटीआई सरकार पर डाला। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद राजनीतिक कारणों से पूर्व सरकार ने पेट्रोलियम के दाम घटा दिए थे। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने दाम घटा कर हमारे लिए जाल बिछाया था।’ शरीफ ने कहा- हमने दाम में बढ़ोतरी रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन पेट्रोलियम सब्सिडी के अतिरिक्त बोझ को देखते हुए हमारे पास कोई दाम बढ़ाने के अलावा चारा नहीं बचा था।



जानकारों का कहना है कि जनता में नाराजगी के कारण शरीफ सरकार दबाव में है। पीडीएम नेताओं को अहसास है कि ये महंगाई का मुद्दा अगले चुनाव में उन्हें बहुत भारी पड़ सकता है। उन्हें यह भी मालूम है कि इमरान खान इस मुद्दे पर कोई नरमी नहीं बरतेंगे। इसके बावजूद आईएमएफ के दबाव के कारण उन्होंने ये जोखिम उठाया है।

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