परमाणु नीति पर पाक विदेश मंत्रालय को नागवार गुजरा पीएम इमरान का बयान, किया खंडन
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सोमवार को एक नाटकीय अंदाज में सुर बदलते हुए इमरान ने कहा कि भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि उनका देश कभी भी भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करेगा।
इमरान ने गवर्नर हाउस में जुटे सिख समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा 'मैं भारत को बताना चाहता हूं कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है। युद्ध में जीतने वाले को भी बहुत कुछ गंवाना पड़ता है। युद्ध कई अन्य मुद्दों को जन्म देता है।'
पीएम इमरान का परमाणु हथियारों का प्रयोग न करने की बात पाक विदेश मंत्रालय को नागवार गुजरी। उन्होंने बयान जारी कर अपने ही प्रधानमंत्री के बयान का खंडन कर दिया।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद फैजल ने ट्वीट कर कहा, "परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच जंग पर प्रधानमंत्री के बयान का गलत मतलब निकाला गया है। इस तरह के हथियार संपन्न दो देशों के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए। लेकिन, पाकिस्तान की परमाणु नीति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।"
Prime Minister’s comments on Pakistan’s approach towards conflict between two nuclear armed states are being taken out of context. While conflict should not take place between two nuclear states, there’s no change in Pakistan’s nuclear policy.
— Dr Mohammad Faisal (@ForeignOfficePk) September 2, 2019
इमरान के मंत्री ने भारत को दी थी सचेत रहने की धमकी
इमरान सरकार में वरिष्ठ मंत्री शेख रशीद ने कहा कि पाकिस्तान के पास 150 से 250 ग्राम वजनी छोटे परमाणु बम भी हैं, जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया जा सकता है। ये बम भारत में किसी भी लक्षित को मार सकता है और नष्ट कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की मोदी सरकार को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
जनवरी 2016 से दोनों देशों के बीच नहीं हुई बातचीत
पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों द्वारा जनवरी 2016 में पठानकोट स्थित वायुसैनिक अड्डे पर किए गए हमले के बाद भारत की पाकिस्तान से बातचीत नहीं हो रही है और उसका कहना है कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।
दोनों देशों के बीच इस साल की शुरुआत में तनाव तब और बढ़ गया था जब पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन के एक आत्मघाती हमलावर ने कश्मीर के पुलवाला जिले में सीआरपीएफ जवानों की बस पर हमला किया था। इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।
बढ़ते आक्रोश के बीच भारतीय वायुसेना ने आतंकवाद निरोधी अभियान चलाया और 26 फरवरी को पाकिस्तान की सीमा के अंदर बालाकोट में जैश के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया।