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Pakistan: पाकिस्तान में फिर सिर उठा लिया है पोलियो के रोग ने, टीकाकरण नीति पर उठे सवाल

Thu, 09 Jun 2022 06:55 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 09 Jun 2022 06:55 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक ताजा खबर ने पाकिस्तान की टीकाकरण नीति पर गंभीर सवाल उठा दिया है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि कुछ परिवारों के सहयोग न करने के कारण उनके घरों के बच्चे पोलियो ग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक कई परिवारों ने बच्चों का टीकाकरण हो जाने के बारे में गलत जानकारी संबंधित विभाग को दी थी...

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Pakistan: New Polio cases rise in the country since past one month, Only in North Waziristan district, eight such cases were reported
पोलियो वैक्सीन - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे पाकिस्तान में अब एक नया संकट खड़ा हो गया है। देश में बीते एक महीने के दौरान पोलियो के मामलों में बढ़ोतरी होने की खबर है। सिर्फ उत्तरी वजीरीस्तान जिले में बीते एक महीने में ऐसे आठ मामले सामने आए। यह जिला अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। साल भर पहले यह मान लिया गया था कि पाकिस्तान में पोलियो पर काबू पा लिया गया है। उसके बाद पहली बार देश में पोलियो के मामले सामने आए हैं।

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विशेषज्ञों के मुताबिक ताजा खबर ने पाकिस्तान की टीकाकरण नीति पर गंभीर सवाल उठा दिया है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि कुछ परिवारों के सहयोग न करने के कारण उनके घरों के बच्चे पोलियो ग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक कई परिवारों ने बच्चों का टीकाकरण हो जाने के बारे में गलत जानकारी संबंधित विभाग को दी थी।

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विदेशी मीडिया से मिली प्रमुखता

पाकिस्तानी मीडिया में इन दिनों आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता की खबरें छाई हुई हैं। इनके बीच पोलियो जैसे मसले दब कर रह गए हैं। ताजा खबर भी विदेशी मीडिया में जितनी प्रमुखता से आई है, उतना महत्त्व इसे देश के अंदर नहीं मिला है। विदेशी मीडिया में खबर आने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच कराने का एलान किया है।

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देश के पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से कहा- ‘टीकाकरण के बारे में गलत सूचना देना और टीका लगवाने से इनकार करना- इन दो कारणों से पोलियो की बीमारी फिर से फैली है।’ अधिकारी ने कहा कि मामलों को छिपाने में पोलियो कार्यक्रम से जुड़े कुछ कर्मचारी भी सहभागी बने हैं। ये कर्मचारी उन बच्चों की अंगुली पर भी टीकाकरण हो चुकने से संबंधित निशान लगा देते हैं, जिन्हें असल में टीका नहीं लगाया गया है।

संघीय सरकार में स्वास्थ्य मंत्री अब्दुल कादिर पटेल ने बताया है कि पोलियो के दो मामलों की खबर अप्रैल महीने में आई थी। तब पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने संक्रमण और फैलने से रोकथाम के कदम तुरंत उठाए। एक समय कराची, पेशावर और क्वेटा पोलियो संक्रमण के मुख्य केंद्र थे। अब इन शहरों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। पटेल ने कहा- ‘पोलियो उन्मूलन में पाकिस्तान ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी। हम उस सफलता को बरकरार रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।’

मौलवियों ने फैला रखे हैं टीके को लेकर कई भ्रम

पर्यवेक्षकों के मुताबिक पाकिस्तान के दूर-दराज के इलाकों में जारी धार्मिक कट्टरपंथ पोलियो के खिलाफ संघर्ष में हमेशा एक बड़ी रुकावट रहा है। एक समय महजबी कट्टरपंथी संगठनों ने इस उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों को निशाना बना रखा था। 2012 के बाद से पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े या इस कार्यक्रम में सहायता देने वाले 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें स्वास्थ्यकर्मी और सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।



विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अब दुनिया में अफगानिस्तान और पाकिस्तान ही दो ऐसे देश हैं, जहां पोलियो एक आम बीमारी है। जानकारों के मुताबिक इसका एक बड़ा कारण मजहबी कट्टरपंथ है। मौलवियों ने टीकाकरण को लेकर कई भ्रम फैला रखे हैं। बच्चों को टीका लगवाने वाली माताओं को तलाक तक दे देने की घटनाएं यहां हुई हैं।

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