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पाकिस्तान: मुस्लिम पिता और तीन बेटों पर ईशनिंदा का मामला दर्ज, पंजाब प्रांत का मामला
Thu, 25 Nov 2021 10:23 PM IST
अभिषेक दीक्षित
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 25 Nov 2021 10:23 PM IST
सार
मौलवी ने आरोप लगाया कि मस्जिद से किसी ईसाई मृतक के लिए घोषणा करना इस्लामी कानूनों का अपमान था और मुकदमे में दर्ज चारों लोगों ने कथित रूप से इस्लाम के खिलाफ जाकर यह कृत्य किया।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : social Media
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विस्तार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके तीन बेटों के खिलाफ सख्त ईशनिंदा कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना 18 नवंबर को भारत की सीमा से लगे बुर्की इलाके के पास खोड़ी खुशाल सिंह गांव में हुई और मौलवी की शिकायत पर पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) के तहत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
मौलवी ने आरोप लगाया कि मस्जिद से किसी ईसाई मृतक के लिए घोषणा करना इस्लामी कानूनों का अपमान था और मुकदमे में दर्ज चारों लोगों ने कथित रूप से इस्लाम के खिलाफ जाकर यह कृत्य किया।
मामले के मुताबिक, एक महिला गांव में जामिया मस्जिद हशमतुल्ला पहुंची और मौलवी के पास जाकर उसने मस्जिद से एक ईसाई पड़ोसी की मौत के बारे में एलान करने का अनुरोध किया। मौलवी ने जब महिला को इसे इस्लामी कानूनों के खिलाफ बताया तो महिला ने घर जाकर पति को जानकारी दी। उसका पति उमर बख्श और तीन बेटे मजहर, मुराद और साहिल मस्जिद पहुंचे और उन्होंने मौलवी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए इस्लाम के खिलाफ बातें कीं।
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इस पर तीन लोगों को गवाह बनाकर मौलवी मुहम्मद मंशा ने पुलिस से शिकायत कर दी। घटना के बाद से गांव में मुस्लिमों व ईसाइयों में तनाव है।
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मौलवी ने आरोप लगाया कि मस्जिद से किसी ईसाई मृतक के लिए घोषणा करना इस्लामी कानूनों का अपमान था और मुकदमे में दर्ज चारों लोगों ने कथित रूप से इस्लाम के खिलाफ जाकर यह कृत्य किया।
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मामले के मुताबिक, एक महिला गांव में जामिया मस्जिद हशमतुल्ला पहुंची और मौलवी के पास जाकर उसने मस्जिद से एक ईसाई पड़ोसी की मौत के बारे में एलान करने का अनुरोध किया। मौलवी ने जब महिला को इसे इस्लामी कानूनों के खिलाफ बताया तो महिला ने घर जाकर पति को जानकारी दी। उसका पति उमर बख्श और तीन बेटे मजहर, मुराद और साहिल मस्जिद पहुंचे और उन्होंने मौलवी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए इस्लाम के खिलाफ बातें कीं।
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इस पर तीन लोगों को गवाह बनाकर मौलवी मुहम्मद मंशा ने पुलिस से शिकायत कर दी। घटना के बाद से गांव में मुस्लिमों व ईसाइयों में तनाव है।