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Pakistan: पड़ोसी मुल्क में लुढ़क रहे हैं भारत के खिलाफ आग उगलने वाले, कौन है पाकिस्तान में मारा गया असलम वजीर?

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:56 PM IST
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सार
Pakistan: मलिक असलम वजीर द्वारा कई बार भारत के खिलाफ जहरीले भाषण दिए गए थे। उसके द्वारा कही गई बातों के आधार पर आतंकी समूहों में नए लड़कों की भर्ती हो रही थी। उन्हें पाकिस्तान में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। विस्फोट की घटना में असलम वजीर के साथ उनका बेटा और एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया...
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Pakistan: Indian Critic Malik Aslam Wazir Assassinated In Sudden Explosion In South Waziristan
Pakistan: Malik Aslam Wazir - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

पाकिस्तान में भारत के दुश्मनों के मारे जाने का सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिन लोगों का खात्मा हो रहा है, उनमें 'जैश-ए-मोहम्मद', 'डी कंपनी', 'लश्कर-ए-तैयबा', लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-आई-जांगवी सहित कई आतंकी संगठनों से जुड़े दहशतगर्द शामिल हैं। अब इस कड़ी में वे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जो प्रत्यक्ष तौर पर आतंकी संगठनों के साथ न जुड़कर, दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ साजिश रचने और आग उगलने के लिए जाने जाते हैं। एक रोज पहले ही भारत के मुखर आलोचक रहे मलिक असलम वजीर की एक ब्लास्ट के जरिए हत्या कर दी गई है। यह घटना, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में साउथ वजीरीस्तान के दाजा घुंडई इलाके में हुई है।

वजीर के साथ बेटा और एक व्यक्ति मारा गया

सूत्रों का कहना है कि मलिक असलम वजीर द्वारा कई बार भारत के खिलाफ जहरीले भाषण दिए गए थे। उसके द्वारा कही गई बातों के आधार पर आतंकी समूहों में नए लड़कों की भर्ती हो रही थी। उन्हें पाकिस्तान में राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। विस्फोट की घटना में असलम वजीर के साथ उनका बेटा और एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया। इससे पहले पाकिस्तान के आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' का संस्थापक और भारत का मोस्ट वांटेड 'मौलाना मसूद अजहर' का करीबी 'मौलाना रहीम तारिक उल्ला' मारा गया था। 13 नवंबर को कराची में उसे अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी थी। सूत्रों का कहना है कि वह कराची में भारत के खिलाफ एकत्रित हुई लोगों की भीड़ को संबोधित करने जा रहा था। उससे पहले 'लश्कर ए तैयबा' के प्रमुख हाफिज सईद का करीबी 'अकरम खान उर्फ अकरम गाजी' भी पाकिस्तान के बाजापुर में अज्ञात हमलावरों की गोली का निशाना बना था। पाकिस्तान में इस साल मारे जाने वाले आतंकियों की संख्या करीब डेढ़ दर्जन तक पहुंच गई है।

आतंकियों को कौन कर रहा है खत्म?

केंद्रीय एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वांटेड एवं उनके सहयोगी लगातार मारे जा रहे हैं। ऐसा भी नहीं है कि आईएसआई, इन आतंकियों को महफूज रखने का प्रयास नहीं कर रही। इसके बावजूद आतंकी, अज्ञात हमलावरों का निशाना बन रहे हैं। हालांकि आईएसआई की तरफ से ऐसा आरोप लगाया जाता है कि इन सब हत्याओं के पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ है। दो तीन सप्ताह के अंतराल पर किसी न किसी आतंकी संगठन जैसे 'जैश-ए-मोहम्मद', 'डी कंपनी', 'लश्कर ए तैयबा', लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-आई-जांगवी आदि समूहों के सदस्य मारे जा रहे हैं। पाकिस्तानी आईएसआई ने हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर और 'लश्कर ए तैयबा' प्रमुख हाफिज सईद को सुरक्षा घेरा प्रदान किया है। इन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ियां मुहैया कराई गई हैं। उन्हें सतर्क किया है कि वे अपने ठिकाने से बाहर न निकलें।

अभी तक हुआ इन आतंकियों का खात्मा

पाक अधिकृत कश्मीर सेक्टर में मुजफ्फराबाद से लगभग 73 किलोमीटर दूर अथमुकाम तहसील में कुछ दिन पहले मियां मुजाहिद मारा गया था। मियां मुजाहिद के बारे में कहा जाता है कि जम्मू कश्मीर में 2018 के दौरान सेना के सुंजवान कैंप पर हुए आतंकी हमले का मास्टर माइंड ख्वाजा शाहिद था। आर्मी कैंप पर हुए हमले में तीन आतंकियों के शव बरामद किए गए थे। उस हमले को नाकाम बनाने में पांच जवान शहीद हुए थे। एक जवान के पिता की मौत और महिला एवं बच्चों समेत दस लोग घायल हो गए थे। आतंकियों के पास से एके56 राइफल, ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया था। पाकिस्तान में अभी तक अकरम खान उर्फ अकरम गाजी, ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद, मोहम्मद सलीम, दाऊद मलिक, शाहिद लतीफ, मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज, बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज, अबु कासिम, परमजीत सिंह पंजवड़, जहूर मिस्त्री, खालिद रजा और अब्दुल सलाम भट्टावी जैसे आतंकी मारे जा चुके हैं।

'डी कंपनी' का गुर्गा भी हुआ ढेर

पाकिस्तान में भारत के वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की 'डी कंपनी' का एक गुर्गा अक्तूबर में मारा गया था। मोहम्मद सलीम, कराची की दिल्ली कालोनी का रहने वाला था। सलीम की हत्या करने के बाद उसकी बॉडी, दरगाह अली शाह सखी सरमस्त के निकट ल्यारी नदी में फेंक दी गई। ल्यारी पुलिस स्टेशन ने सलीम की बॉडी को नदी से बरामद किया था। पिछले दिनों दाऊद मलिक, जिसे वैश्विक आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' के सरगना मसूद अजहर का करीबी बताया जा रहा था, वह पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में मारा गया था।

बच नहीं सका आईएसआई का एजेंट मुल्ला बाहौर

गत दिनों शाहीद लतीफ, जिसे पठानकोट हमले का मास्टर माइंड बताया जाता है, वह मारा गया था। दूसरा आतंकी और आईएसआई का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज था, वह भी पाकिस्तान के भीतर अज्ञात लोगों की गोली का शिकार हो गया था। इसके बाद पिछले सप्ताह दाऊद मलिक मारा गया। उसे वैश्विक आतंकी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' के सरगना मसूद अजहर का करीबी बताया जाता है। 'जैश-ए-मोहम्मद' के अलावा दाऊद मलिक, लश्कर-ए-जब्बर और लश्कर-आई-जांगवी से भी जुड़ा हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मसूद अजहर, हाफिज सईद, लखवी और दाऊद इब्राहिम जैसे दहशतगर्दों को यूएपीए के तहत आतंकी घोषित किया गया है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक में बच गया था मलिक

दाऊद मलिक, पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में मारा गया था। वह अज्ञात लोगों की गोली का निशाना बना। सूत्रों का कहना है कि इस साल पाकिस्तान में मौजूद भारत के कई मोस्ट वांटेंड आतंकी मारे जा चुके हैं। इतना ही नहीं, भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों के मारे जाने का सिलसिला, केवल पाकिस्तान में ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे मुल्कों में भी चल रहा है। पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय सेना ने बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की थी, तो उस वक्त दाऊद मलिक की वहां पर उपस्थिति बताई जाती है। हालांकि बाद में ऐसी जानकारी सामने आई थी कि उस हमले में दाऊद मलिक बच निकला था। ये सभी आतंकी, आईएसआई की हिफाजत में रहते हैं। दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए पाकिस्तान, इन आतंकियों को लेकर नए पैंतरे चलता रहता है। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से पहले पाकिस्तान ने कहा था कि मौलाना मसूद अजहर अफगानिस्तान में है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अफगानिस्तान को चिट्ठी लिखी गई है।

पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड भी खत्म

भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी शाहीद लतीफ, पाकिस्तान के गुजरांवाला का रहने वाला था। उसे अज्ञात हमलावरों ने बहुत करीब से गोली मारी थी। 2016 का पठानकोट हमला, जिसमें भारतीय सेना के सात जवान शहीद हुए थे, शाहीद लतीफ ही उस अटैक का मास्टर माइंड बताया जाता है। उसे आईएसआई से विशेष ट्रेनिंग मिली थी। लतीफ को आतंकी संगठन, जैश-ए-मोहम्मद ने सियालकोट सेक्टर के प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी थी। दूसरा आतंकी, आईएसआई का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज है। उसे बलूचिस्तान के क्षेत्र में गोली मारी गई थी। बाहौर के बारे में कहा जाता है कि उसने ही ईरान से कुलभूषण जाधव को अगवा कर आईएसआई के हवाले किया था। भारतीय नौसेना से रिटायर हुए कुलभूषण जाधव इस वक्त पाकिस्तान की जेल में है। कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ भारत ने हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दस्तक दी थी। वहां से कुलभूषण की मौत की सजा पर रोक लगाई गई है।

इम्तियाज, अबु कासिम और पंजवड़ को मारी गई गोली

20 फरवरी को बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज को रावलपिंडी में गोली मारी गई थी। वह केंद्र सरकार के आतंकियों की सूची में शामिल था। उसका काम पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराना था। आईएसआई ने उसे हिजबुल मुजाहिदीन का लांच पैड संभालने की जिम्मेदारी दी थी। पिछले माह 'लश्कर ए तैयबा' के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अबु कासिम को रावलकोट में गोली मारी गई थी। खालिस्तान कमांडो फोर्स का दुर्दांत आतंकी और भारत में मोस्ट वांटेड परमजीत सिंह पंजवड़ की भी पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी। उसके अलावा पाकिस्तान में हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप आतंकी बशीर मीर उर्फ इम्तियाज आलम और जैश का खूंखार आतंकी जहूर मिस्त्री की भी हत्या हुई थी। जहूर मिस्त्री कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल था।

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