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Pakistan: 'एक्स पर प्रतिबंध लगाना देश के कानूनों के खिलाफ नहीं', सिंध हाईकोर्ट में पाक सरकार ने दिया तर्क
Tue, 09 Jul 2024 12:59 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Tue, 09 Jul 2024 12:59 AM IST
सार
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने अदालत को अपना जवाब सौंपा, जिसमें कहा कि एक्स पर प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 19 के खिलाफ नहीं है। प्रतिबंध लगाने से पहले सभी कानूनी आवश्यकताएं पूरी की गईं। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अनुमति देता है, लेकिन इसमें कुछ कानूनी प्रतिबंध भी शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : ANI
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विस्तार
पाकिस्तान के सिंध उच्च न्यायालय (एसएचसी) में सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिबंध के खिलाफ मामले में सुनवाई की। इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने अदालत को बताया कि एक्स पर प्रतिबंध लगाना देश के कानूनों के खिलाफ नहीं है। कहा कि अन्य देशों ने भी समय-समय पर राष्ट्रहित के लिए एक्स पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस दौरान अधिकारियों ने अदालत से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के संरक्षण के हित में याचिका को खारिज करने का आग्रह किया।
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बता दें कि आठ फरवरी को चुनावों के दौरान हुई धांधली के विवाद के बाद 17 फरवरी को पाकिस्तान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन एक महीने बाद तक सरकार ने आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध को स्वीकार नहीं किया था। इसके बैन होने के बाद यूजर को लोकप्रिय प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) की जरूरत पड़ी।
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प्रतिबंध लगान से पहले सभी कानूनी आवश्यकताएं पूरी कीं
वहीं, सुनवाई के दौरान आंतरिक मंत्रालय ने अदालत को अपना जवाब सौंपा, जिसमें कहा कि एक्स पर प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 19 के खिलाफ नहीं है। प्रतिबंध लगाने से पहले सभी कानूनी आवश्यकताएं पूरी की गईं। अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अनुमति देता है, लेकिन इसमें कुछ कानूनी प्रतिबंध भी शामिल हैं। आंतरिक मंत्रालय ने आगे कहा कि चुनावों में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल राष्ट्रीय संस्थानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण के लिए किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा और सम्मान के बारे में चिंताएं पैदा करने वाली एजेंसियों की संवेदनशील रिपोर्ट के बाद एक्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए फैसला किया गया।
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नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी
मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी तर्क दिया कि एक्स पर प्रतिबंध लगाने के मामले में याचिका स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी थी। एक्स ने बार-बार स्थानीय कानूनों का उल्लंघन किया है। मंत्रालय ने आगे कहा, एक्स ने स्थानीय नियमों का पालन करने के लिए पाकिस्तान के साथ किसी भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। टिकटॉक जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन फ्लेटफॉर्मों को पाकिस्तानी कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने और एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद संचालित करने की अनुमति दी गई थी।