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पाकिस्तान: सरकारी अधिकारियों के भागने की आशंका, अनुमति के बिना नहीं जा सकेंगे विदेश, अन्य यात्रियों की भी हो रही कड़ी जांच

Mon, 11 Apr 2022 05:57 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, इस्लामाबाद।
एजेंसी, इस्लामाबाद। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 11 Apr 2022 05:57 AM IST
सार

सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा बलों को भी सतर्क कर दिया गया है। विदेश जा रहे लोगों की जांच ज्यादा सख्ती से की जा रही है। एफआईए के सूत्रों ने कहा कि उन्हें सतर्कता बढ़ाने के निर्देश मिले हैं, हालांकि निर्देश किसने जारी किया है, यह नहीं बताया गया।

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Pakistan Government officials apprehension to be on the run
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media

विस्तार

पाकिस्तान के पीएम पद से इमरान खान के हटने के बाद संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अपने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। इमरान से जुड़े सरकारी अधिकारियों के देश छोड़कर भागने की आशंका के कारण यह सतर्कता बरती जा रही है।

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अधिकारियों के लिए विदेश यात्रा से पहले सरकारी अनापत्ति प्रमाणपत्र जरूरी कर दिया गया है। साथ ही सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा बलों को भी सतर्क कर दिया गया है। विदेश जा रहे लोगों की जांच ज्यादा सख्ती से की जा रही है।
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एफआईए के सूत्रों ने कहा कि उन्हें सतर्कता बढ़ाने के निर्देश मिले हैं, हालांकि निर्देश किसने जारी किया है, यह नहीं बताया गया। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान के करीबी लोग देश से बाहर जा सकते हैं। इमरान की तीसरी बीवी बुशरा बेगम की सहेली फराह खान पिछले सप्ताह देश छोड़ गई है। उनके पति पहले ही अमेरिका जा चुके हैं। विरोधियों का आरोप है कि इन मियां-बीवी ने देश में तबादलों के जरिये करीब 6 अरब रुपये कमाए हैं।
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बेमेल गठबंधन 
संयुक्त विपक्ष एक बेमेल गठबंधन है, जिसमें कट्टर इस्लामी पार्टियों से लेकर समाजवादी, उदारवादी सभी शामिल हैं। शहबाज के लिए इस बेमेल गठबंधन को नियंत्रित करना बड़ी चुनौती होगी। असेंबली का कार्यकाल अगले वर्ष अगस्त में खत्म हो रहा है।

इमरान खान को देश से बाहर जाने से रोकने के लिए याचिका
इस्लामाबाद हाइकोर्ट सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें इमरान खान और पूर्व मंत्रियों का नाम देश की एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डालने की मांग की गई है। दूसरे शब्दों में, इस याचिका के जरिये खान और उनके सहयोगियों के देश छोड़ने पर रोक के लिए कानूनी निर्देश की मांग की गई है। द न्यूज अखबार ने यह सूचना दी है।
 
पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी के घर छापे
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हाथ से सत्ता जाते ही सोशल और डिजिटल मीडिया मैनेज करने वाले उनके करीबी सहयोगी डॉ. अर्सलान खालिद के घर पर छापे पड़े हैं। इमरान की पार्टी पीटीआई ने यह आरोप लगाया। जियो न्यूज के अनुसार, पीटीआई ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) से जांच का अनुरोध कर कहा, खालिद ने सोशल मीडिया पर कभी किसी संस्थान की आलोचना की।

बुशरा बीबी ने जिंदा मुर्गे जलाए...लेकिन नहीं बची खाविंद की कुर्सी
इमरान की पत्नी बुशरा बीबी ने घर पर जिंदा मुर्गे भी जलाए लेकिन खाविंद की सत्ता नहीं बचा सकीं। नेता प्रतिपक्ष शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि पिंकी पीरनी के नाम से प्रसिद्ध बुशरा जादू-टोना कर रही थीं। इसके लिए इमरान के घर में जिंदा मुर्गों समेत कई टन मांस जलाया जा रहा था। हालांकि, टोटका काम नहीं आया और इमरान को हटना पड़ा। इमरान से शादी के बाद से ही रहस्यमयी व्यक्तित्व को लेकर बुशरा चर्चा में रही हैं।

75 साल में कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया कोई पीएम
पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान से लेकर निवर्तमान प्रधानमंत्री इमरान खान तक, देश के 75 साल के इतिहास में कोई प्रधानमंत्री पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। वहीं इमरान पहले ऐसे पीएम बने जो नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद हटे। वह तीन साल 8 महीने पद पर रहे।

सिर्फ 4 साल के कार्यकाल के बाद 16 अक्तूबर 1951 को रावलपिंडी में लियाकत अली खान की हत्या कर दी गई। फिर 7 पीएम को कार्यकाल के बीच जाना पड़ा। 5 को बर्खास्त किया गया, जबकि 4 प्रधानमंत्रियों को सैन्य तख्तापलट के जरिये हटाया गया।

नवाज शरीफ और युसूफ रजा गिलानी ऐसे प्रधानमंत्री रहे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से सजा होने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया। शौकत अजीज, राजा परवेज अशरफ और शाहीद खाकान अब्बासी को अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री के कार्यकाल के बीच में हटने के कारण पीएम पद संभालने का मौका मिला।


बेनजीर भुट्टो को देश की पहली महिला पीएम होने का गौरव हासिल हुआ और जनरल जिया उल हक के सैन्य शासन के बाद 1988 में पीएम बनीं। उनकी सरकार ने 1989 में महाभियोग का सफलतापूर्वक सामना किया। लेकिन 6 अगस्त 1990 को राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान ने उनकी सरकार बर्खास्त कर दी।

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