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Pakistan: क्या पाकिस्तान में सरकार-विपक्ष के बीच सब ठीक हो जाएगा? दो जनवरी को होगी इमरान की पार्टी से बातचीत
Tue, 31 Dec 2024 12:28 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 31 Dec 2024 12:28 PM IST
सार
पाकिस्तान सरकार और विपक्ष के बीच दो जनवरी को होने वाली बैठक 23 दिसंबर को शुरू हुई बातचीत पर आधारित होगी। इसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक कदम बढ़ाना है।
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राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और पीटीआई प्रमुख इमरान खान
- फोटो : एएनआई
विस्तार
पाकिस्तान सरकार और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इसका उद्देश्य राजनीतिक मतभेदों को सुलझाना है। यह बैठक गुरुवार को संसद भवन में सुबह 11 बजे होने वाली है, जिसे नेशनल असेंबली स्पीकर सरदार अयाज सादिक ने बुलाया है। वह दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाना चाह रहे हैं, जिससे मतभेद सुलझाए जा सकें।
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इससे पहले हो चुकी है बैठक
यह बैठक 23 दिसंबर को शुरू हुई बातचीत पर आधारित होगी और इसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक कदम बढ़ाना है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पीटीआई पार्टी दो प्रमुख मांगें प्रस्तुत करने की योजना बना रही है, जो आगामी सत्र के दौरान लिखित रूप सरकार के सामने रखेगी।
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इन दो मांगों पर अड़ी पीटीआई
इन मांगों में पिछले साल की नौ मई को हुईं हिंसक घटनाओं और 26 नवंबर को इस्लामाबाद में पीटीआई कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करना तथा 72 वर्षीय इमरान खान समेत सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई करना शामिल हैं। पूर्व राष्ट्रीय असेंबली स्पीकर और पीटीआई नेता असद कैसर ने इन मांगों को दोहराते हुए कहा कि पार्टी आयोग के गठन और खान की रिहाई की अपनी मांगों पर अडिग है।
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कौन-कौन नेता हुए शामिल?
23 दिसंबर को हुई पहली बैठक को सकारात्मक देखा गया, जिसमें दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी। इस बैठक में पीटीआई का प्रतिनिधित्व कैसर, सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल (एसआईसी) के अध्यक्ष साहिबजादा हामिद रजा और मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (एमडब्ल्यूएम) के नेता अल्लामा राजा नसर अब्बास ने किया था। एसआईसी और एमडब्ल्यूएम दोनों ही खान के प्रमुख सहयोगी हैं।
सरकार की तरफ से ये लोग कर रहे नेतृत्व
सरकारी पक्ष का नेतृत्व करने वाली नौ सदस्यीय समिति में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह, सेनटर इरफान सिद्दीकी, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के राजा परवेज अशरफ और नवीद कमर, इत्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (आईपीपी) के नेता अलीम खान, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्वैद (पीएमएल-क्यू) के नेता चौधरी सलीक हुसैन, बलूचिस्तान अवामी पार्टी के सरदार खालिद माग्सी और मुताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान के नेता डॉ. खालिद मकबूल सिद्धिकी शामिल हैं।
'दोनों पक्षों ने एक सकारात्मक माहौल बनाया'
अयाज सादिक ने दोनों सरकार और विपक्ष के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने एक सकारात्मक माहौल बनाया है और उन्हें उम्मीद है कि इस प्रयास से पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी तथा देश की चुनौतियों का समाधान होगा। दो जनवरी की बैठक को पाकिस्तान में राजनीतिक ध्रुवीकरण को कम करने और सरकार व पीटीआई के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।