फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan Former PM Imran Khan says ready to hold talks but not for deal

Pakistan: ‘मैं बातचीत के लिए तैयार लेकिन सौदे के लिए नहीं’, पूर्व पीएम इमरान खान ने तीन नेताओं को किया नामित

Sat, 04 May 2024 03:28 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 04 May 2024 03:28 PM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वे 18 महीने से कह रहे हैं कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन समझौता करने के लिए नहीं। पूर्व पीएम नवाज शरीफ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा,’सौदा वे करते हैं, जो देश छोड़ना चाहते हैं या जेल से बचना चाहते हैं।’

विज्ञापन
Pakistan Former PM Imran Khan says ready to hold talks but not for deal
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं। इस बीच, उन्होंने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन उनका जनादेश चुराने वाले लोगों के साथ वे सौदा नहीं करेंगे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदियाला जेल में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बातचीत केवल विरोधियों के साथ ही की जाती है। इसलिए बात उनके साथ ही होनी चाहिए, जो पीटीआई के सबसे बड़े विरोधी हैं।

विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, इमरान ने कहा कि वे 18 महीने से कह रहे हैं कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन समझौता करने के लिए नहीं। खान ने साफ किया कि उनकी पार्टी तीन पक्षों को छोड़कर सभी के साथ बातचीत करेगी। पूर्व पीएम नवाज शरीफ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा,’सौदा वे करते हैं, जो देश छोड़ना चाहते हैं या जेल से बचना चाहते हैं।’ खान ने कहा कि मैंने तीन लोगों को बातचीत के लिए नामित किया है। नामित लोगों में खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर, नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता उमर अयूब और सीनेट में विपक्ष के नेता शिबली फराज हैं। बता दें, खान तोशाखाना मामले में अदियाला जेल में बंद हैं। 
विज्ञापन


अब जानिए, आखिर क्या है तोशाखाना मामला
कहानी इमरान के प्रधानमंत्री रहते हुए शुरू हुई थी। 2018 में सत्ता में आए इमरान खान को आधिकारिक यात्राओं के दौरान करीब 14 करोड़ रुपये के 58 उपहार मिले थे। इन महंगे उपहारों को तोशाखाना में जमा किया गया था। बाद में इमरान खान ने इन्हें तोशखाने से सस्ते दाम पर खरीद लिया और फिर महंगे दाम पर बाजार में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया के लिए उन्होंने सरकारी कानून में बदलाव भी किए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


खान ने कहा- मेरा गिफ्ट, कुछ भी करूं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान ने 2.15 करोड़ रुपये में इन गिफ्ट्स को तोशखाने से खरीदा था और इन्हें बेचकर 5.8 करोड़ रुपये का मुनाफा कमा लिया। इन गिफ्टस में एक ग्राफ घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां भी थीं।  पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मामला सामने आने के बाद इमरान खान ने इसपर बयान भी दिया था। उन्होंने कहा था कि ये गिफ्ट्स उन्हें निजी तौर पर मिले हैं। इसलिए उन्हें इसे अपने पास रखने का अधिकार है। हालांकि, बाद में उन्होंने तोशखाने मामले के सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया था। 


क्या होता है तोशाखाना? 
दरअसल, पाकिस्तान के कानून के अनुसार किसी विदेशी राज्य के गणमान्य व्यक्तियों से प्राप्त कोई भी उपहार स्टेट डिपॉजिटरी यानी तोशाखाना में रखना होता है। अगर राज्य का मुखिया उपहार को अपने पास रखना चाहता है तो उसके लिए उसे इसके मूल्य के बराबर राशि का भुगतान करना होगा। यह एक नीलामी की प्रक्रिया के जरिए तय किया जाता है। ये उपहार या तो तोशाखाना में जमा रहते हैं या नीलाम किए जा सकते हैं और इसके माध्यम से अर्जित धन को राष्ट्रीय खजाने में जमा किया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed