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पाकिस्तान: अब जेल से रिहा होंगे इमरान; गैर-इस्लामिक विवाह मामले में पूर्व पीएम और बुशरा बीबी बरी
Sat, 13 Jul 2024 05:46 PM IST
मेघा झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 13 Jul 2024 05:46 PM IST
सार
पाकिस्तान अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अवैध विवाह मामले में बरी कर दया है, वह तकरीबन एक साल से जेल में रहे हैं।
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इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पाकिस्तान अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अवैध विवाह मामले में बरी कर दया है, वह तकरीबन एक साल से जेल में रहे हैं। उनपर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी की इद्दत पूरी होने से पहले ही दूसरी शादी कर ली थी।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ पिछले साल अगस्त से जेल में रखा गया था। 3 फरवरी को बुशरा बीबी के पूर्व पति खावर फरीद मेनका ने अदालत में याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पूर्व पत्नी बुशरा बीबी ने इद्दत अवधि के दौरान ही दूसरा विवाह कर लिया था। बता दें कि यह मामला 8 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के कुछ दिन पहले ही दर्ज कराया गया था।
इस्लाम के अनुसार, तलाक या पति की मृत्यु के चार महीने पूरे होने से पहले कोई महिला दोबारा शादी नहीं कर सकती। बुशरा के पहले पति की शिकायत के आधार पर इमरान खान और बुशरा ने इस्लामाबाद की एक जिला और सत्र अदालत में चुनौती दी थी। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) अफजल मजोका ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाते हुए 71 वर्षीय इमरान खान और 49 वर्षीय बुशरा बीबी को बरी कर दिया।
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मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने कहा, "अगर वे किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो पीटीआई संस्थापक इमरान खान और बुशरा बीबी को तुरंत जेल से रिहा किया जाना चाहिए।" लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि उन्हें रिहा किया जाएगा या नहीं। इमरान खान तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले की सजा निलंबित होने और सिफर मामले में बरी होने के बाद इस मामले के कारण जेल में थे।
बुशरा बीबी के पहले पति मेनका ने नवंबर 2023 में इमरान और बुशरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने इद्दत की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि का पालन किए बिना शादी कर ली। उन्होंने अदालत से शादी को अमान्य घोषित करने का अनुरोध किया। दरअसल इमरान खान और बुशरा बीबी ने 2018 में शादी की। इसी साल इमरान खान चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने।
बुशरा बीबी जाहिर तौर पर उनकी आध्यात्मिक मार्गदर्शक थीं, लेकिन मुलाकातों के दौरान दोनों के बीच एक-दूसरे के लिए प्यार बढ़ गया। उन्होंने अपने 28 साल के पति से तलाक ले लिया, जिनसे उनके पांच बच्चे थे। बुशरा इमरान खान की तीसरी पत्नी हैं। पीटीआई प्रमुख गौहर खान ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह स्वतंत्र न्यायपालिका की जीत है। उन्होंने कहा, "ये सभी मामले फर्जी थे और उन्हें अन्य सभी मामलों में भी न्याय मिलेगा।" उन्होंने मांग की कि इमरान खान को रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि यह आखिरी मामला था जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया था।
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ पिछले साल अगस्त से जेल में रखा गया था। 3 फरवरी को बुशरा बीबी के पूर्व पति खावर फरीद मेनका ने अदालत में याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पूर्व पत्नी बुशरा बीबी ने इद्दत अवधि के दौरान ही दूसरा विवाह कर लिया था। बता दें कि यह मामला 8 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के कुछ दिन पहले ही दर्ज कराया गया था।
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इस्लाम के अनुसार, तलाक या पति की मृत्यु के चार महीने पूरे होने से पहले कोई महिला दोबारा शादी नहीं कर सकती। बुशरा के पहले पति की शिकायत के आधार पर इमरान खान और बुशरा ने इस्लामाबाद की एक जिला और सत्र अदालत में चुनौती दी थी। अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) अफजल मजोका ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाते हुए 71 वर्षीय इमरान खान और 49 वर्षीय बुशरा बीबी को बरी कर दिया।
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मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने कहा, "अगर वे किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो पीटीआई संस्थापक इमरान खान और बुशरा बीबी को तुरंत जेल से रिहा किया जाना चाहिए।" लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि उन्हें रिहा किया जाएगा या नहीं। इमरान खान तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले की सजा निलंबित होने और सिफर मामले में बरी होने के बाद इस मामले के कारण जेल में थे।
बुशरा बीबी के पहले पति मेनका ने नवंबर 2023 में इमरान और बुशरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने इद्दत की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि का पालन किए बिना शादी कर ली। उन्होंने अदालत से शादी को अमान्य घोषित करने का अनुरोध किया। दरअसल इमरान खान और बुशरा बीबी ने 2018 में शादी की। इसी साल इमरान खान चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने।
बुशरा बीबी जाहिर तौर पर उनकी आध्यात्मिक मार्गदर्शक थीं, लेकिन मुलाकातों के दौरान दोनों के बीच एक-दूसरे के लिए प्यार बढ़ गया। उन्होंने अपने 28 साल के पति से तलाक ले लिया, जिनसे उनके पांच बच्चे थे। बुशरा इमरान खान की तीसरी पत्नी हैं। पीटीआई प्रमुख गौहर खान ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह स्वतंत्र न्यायपालिका की जीत है। उन्होंने कहा, "ये सभी मामले फर्जी थे और उन्हें अन्य सभी मामलों में भी न्याय मिलेगा।" उन्होंने मांग की कि इमरान खान को रिहा किया जाना चाहिए क्योंकि यह आखिरी मामला था जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया था।