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Pakistan: पाकिस्तान में भारी बारिश से तबाही, सिंधु नदी में आई बाढ़ ने हजारों को किया बेघर; किसान भी हुए बेहाल

Thu, 21 Aug 2025 12:06 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 21 Aug 2025 12:06 PM IST
सार

पाकिस्तान के पंजाब में भारी बारिश से सिंधु नदी में आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। हजारों लोग बेघर हो गए और कपास, तिल व मूंग जैसी फसलें बर्बाद हो गईं। कई गांवों में घर ढह गए और लोग पशुओं को बचाने में संघर्ष कर रहे हैं। पीडीएमए ने रेड अलर्ट जारी किया है। 

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Pakistan floods Heavy rain PDMA red alert Crop devastation climate crisis Taunsa bridge South Asia disaster
पाकिस्तान में बाढ़ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई द्वारा बनाई गई तस्वीर

विस्तार

पाकिस्तान के पंजाब में भारी बारिश से सिंधु नदी में आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। हजारों लोग बेघर हो गए और कपास, तिल व मूंग जैसी फसलें बर्बाद हो गईं। कई गांवों में घर ढह गए और लोग पशुओं को बचाने में संघर्ष कर रहे हैं। पीडीएमए ने रेड अलर्ट जारी किया है। यह आपदा जलवायु संकट को लेकर पाकिस्तान की स्थिति को एक बार फिर उजागर करती है।
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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश ने भयंकर बाढ़ का रूप ले लिया है। सिंधु नदी में पानी का स्तर बढ़ने से हजारों गांववाले अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, लेय्या-तौंसा ब्रिज को बचाने के लिए बनाए गए सभी सुरक्षात्मक बांध और तटबंध बह गए। इससे निचले इलाकों में बसे ग्रामीणों के घर और खेत पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
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घरों और फसलों का नुकसान
भारी बाढ़ ने कच्चे घरों को मलबे में बदल दिया। कई गांवों में लोग बेघर हो गए और उनके पास अब न तो छत है और न ही रोज़गार का कोई साधन। हजारों एकड़ में फैली फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गईं। जिन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है उनमें कपास, तिल और मूंग शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार की नाकामी पर नाराजगी जताई और कहा कि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए।
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बारिश का रिकॉर्ड और प्रभावित इलाके
पिछले 24 घंटे में सरगोधा में 54 मिमी और फैसलाबाद में 31 मिमी बारिश दर्ज की गई। लाहौर, गुजरांवाला और रावलपिंडी जैसे शहरों में भी भारी बारिश हुई। तौंसा के कई गांवों में घर पूरी तरह गिर गए। बाढ़ का असर सिर्फ लोगों पर ही नहीं पड़ा, बल्कि पशुओं को बचाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।


अलर्ट पर सरकारी एजेंसियां
पंजाब की प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने नदियों और बांधों के खतरनाक स्तर को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। डॉन के अनुसार, तौंसा और चश्मा में सिंधु नदी में मध्यम स्तर की बाढ़ है, जबकि तरबेला और कलाबाघ में निचले स्तर की बाढ़ दर्ज की गई है। सतलुज नदी भी गंडा सिंह वाला और सुल्तानकी पर निचले स्तर की बाढ़ में है।

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जलवायु संकट और पिछली तबाही की याद
संयुक्त राष्ट्र ने पहले भी कहा था कि पाकिस्तान जलवायु झटकों के प्रति बेहद संवेदनशील है। 2022 की भयावह बाढ़ में 1,700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और करोड़ों लोग विस्थापित हुए थे। उस तबाही से करीब 40 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ था। पाकिस्तान में जून से सितंबर तक चलने वाला मानसून अक्सर जानलेवा भूस्खलन, बुनियादी ढांचे की तबाही और बड़े पैमाने पर विस्थापन की वजह बनता है। इस बार की बाढ़ ने एक बार फिर देश की गंभीर तैयारी की कमी को उजागर कर दिया है।


 
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