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पाकिस्तान ने इकलौते पहले सिख पुलिस अफसर को किया बर्खास्त, कुछ दिन पहले धक्कामुक्की कर किया था बेघर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 05 Aug 2018 06:01 AM IST
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गुलाब सिंह के घर का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया था। (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान में हाल ही में घर से धक्कामुक्की कर बेघर किए गए देश के पहले सिख पुलिस अधिकारी को अब नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है। यातायात पुलिस के प्रवक्ता अली गुलाब नवाज ने शुक्रवार को कहा, गुलाब सिंह को तीन महीने से ज्यादा समय तक कार्यालय से अनुपस्थित होने के लिए सेवा से बर्खास्त किया गया है।
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पुलिस अधीक्षक (यातायात) आसिफ सादिक ने 35 वर्षीय गुलाब सिंह के ड्यूटी रिकॉर्ड की जांच के बाद यह आदेश जारी किए। गुलाब सिंह जांच समिति के समक्ष पेश भी नहीं हुए थे। हालांकि प्रवक्ता ने कहा कि गुलाब सिंह अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ डीआईजी (यातायात पुलिस) के कार्यालय में अपील दायर कर सकते हैं।
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गुलाब सिंह ने आरोपों को किया खारिज
उधर, गुलाब सिंह ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारी पाकिस्तान सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। घर से निकाले जाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज बुलंद करने की सजा उन्हें दी जा रही है। आपको बता दें कि बीती 10 जुलाई को कुछ अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर गुलाब सिंह के घर का सारा सामान सड़क पर फेंक दिया था। इसके लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिख समुदायों से इंसाफ की गुहार लगाई थी।
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जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि हाल में गुलाब सिंह ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें लाहौर स्थित उनके घर से जबरन बाहर निकाला गया, उनकी पगड़ी खींची गई, परिवार को धक्के देकर घर से बाहर कर घर पर ताला लगा दिया है। गुलाब सिंह ने वीडियो में कहा, 'मैं गुलाब सिंह ट्रैफिक वॉर्डन, मैं पाकिस्तान का पहला सिख पुलिस अफसर हूं।
मेरे साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है। मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मेरे घर में ताले लगा दिए गए। तारिक वजीर जोकि अडिशनल सेक्रटरी हैं और तारा सिंह जोकि पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के भूतपूर्व प्रधान हैं, उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है। अदालत में मेरे केस भी चल रहे हैं। इस पूरे गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है और मेरा घर खाली करवाया गया। आप देख सकते हैं मेरे सिर पर पगड़ी भी नहीं है। वे मेरी पगड़ी भी छीनकर ले गए और उन्होंने केश भी खींचे हैं।'
वीडियो में गुलाब सिंह ने कहा, 'मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि मेरी ज्यादा से ज्यादा मदद करें और इस वीडियो को भी शेयर करें और पूरी दुनिया को यह बताएं कि पाकिस्तान में सिखों के साथ क्या जुल्म और ज्यादती हो रही है।' गुलाब सिंह का कहना है कि वह सन 1947 से लाहौर के डेरा चहल इलाके में गुरुद्वारा बेबे नानकी की जमीन पर बने लंगर हॉल परिसर में रहते थे। इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड का कहना है कि वह वहां अवैध तरीके से रह रहे थे।