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Osama Bin Laden: डॉ. शकील की पत्नी-बच्चों को राहत; ECL से नाम हटेगा, पति ने CIA को दिया था अल-कायदा चीफ का पता
Fri, 17 Nov 2023 05:39 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 17 Nov 2023 05:39 PM IST
सार
पाकिस्तान में पेशावर हाईकोर्ट से डॉ शकील अफ्रीदी को बड़ी राहत मिली है। डॉ शकील ने अल-कायदा चीफ ओसामा बिन लादेन का पता अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA को बताया था। इसके बाद उनका नाम पाकिस्तान की एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ECL) में शामिल कर लिया गया है।
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अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन (फाइल)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
अमेरिका में आतंकी हमले को अंजाम देने के दोषी ओसामा बिन लादेन का पता बताने वाले डॉक्टर, उनकी पत्नी और बच्चों को पेशावर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बता दें कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी- सीआईए ने हमले के कई साल बाद ओसामा को ढेर करने का प्लान बनाया था। अमेरिकी सैनिकों की विशेष टुकड़ी ने पाकिस्तान के एबटाबाद में गैरीसन शहर में कार्रवाई की थी। अब कई वर्षों के बाद पेशावर हाईकोर्ट ने ओसामा का पता लगाने में मदद करने के आरोप में जेल में बंद पाक डॉक्टर की पत्नी, बच्चों के नाम निकास नियंत्रण सूची से हटाने का आदेश दिया।
डॉ. शकील अफरीदी अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में सीआईए की मदद करने के आरोप में 2011 से ही जेल में बंद हैं। अदालत ने उनकी पत्नी और बच्चों के नाम निकास नियंत्रण सूची से हटाने का आदेश दिया है। पेशावर उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अफरीदी की पत्नी इमराना शकील की तरफ से दायर रिट याचिका पर गुरुवार को आदेश पारित किया। बता दें कि पाकिस्तान की निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में ऐसे लोगों को रखा जाता है जिन पर विभिन्न कानूनी कारणों से पाकिस्तान छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
याचिकाकर्ता के वकील आरिफ जान अफरीदी ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल को अमेरिका के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान की विभिन्न अदालतों ने अफरीदी को 23 साल कैद की सजा सुनाई है। वकील ने कहा, 'मेरी मुवक्किल इमराना शकील के खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं हुआ है। न ही क्या उसे अभी तक गिरफ्तार किया गया है। इमराना शकील और उनके बच्चों के नाम केवल कुछ रिपोर्टों के आधार पर ईसीएल में डाल दिए गए हैं।' वकील ने बताया कि डॉ. अफरीदी की पत्नी और बच्चों का नाम सरकार ने ईसीएल सूची में डाल दिया है। इस कारण वे कहीं भी नहीं जा सकते हैं।
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सुनवाई के दौरान सरकार की पैरवी कर रहे डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर डॉ शकील की पत्नी और बच्चों के नाम ईसीएल में रखे गए हैं। वर्तमान में, देश में कार्यवाहक सरकार है, इसलिए उनके पास ईसीएल सूची से नाम हटाने की शक्ति नहीं है। दलीलों को सुनने के बाद पेशावर हाईकोर्ट में जस्टिस अब्दुल शकूर की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को ईसीएल पर कोई नाम रखने का कोई अधिकार नहीं है।
न्यायमूर्ति शकूर ने कहा, "जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, तो उनका नाम ईसीएल पर कैसे रखा जा सकता है? ईसीएल सूची में इनका नाम रखना अवैध है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 साल की उम्र में अफरीदी, खैबर आदिवासी जिले में शीर्ष चिकित्सक थे। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख के रूप में उन्होंने कई अमेरिकी वित्त पोषित टीकाकरण कार्यक्रमों की देखरेख की थी। उन पर ओसामा को पकड़ने में सीआईए की मदद करने का आरोप है। आरोपों के मुताबिक अफरीदी ने पाकिस्तानी छावनी शहर एबटाबाद में फर्जी टीकाकरण अभियान चलाया।
अमेरिकी सैन्य टुकड़ी ने अल-कायदा प्रमुख 2 मई, 2011 को एक गुप्त अमेरिकी हमले में मार गिराया था। अफरीदी को उसी साल पेशावर से गिरफ्तार किया गया था। ओसामा का पता बताने के आरोप के अलावा डॉ अफरीदी को आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने सहित राज्य विरोधी गतिविधियों के कई आरोपों में 33 साल की सजा कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में उनकी सजा घटाकर 23 साल कर दी गई।
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डॉ. शकील अफरीदी अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में सीआईए की मदद करने के आरोप में 2011 से ही जेल में बंद हैं। अदालत ने उनकी पत्नी और बच्चों के नाम निकास नियंत्रण सूची से हटाने का आदेश दिया है। पेशावर उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने अफरीदी की पत्नी इमराना शकील की तरफ से दायर रिट याचिका पर गुरुवार को आदेश पारित किया। बता दें कि पाकिस्तान की निकास नियंत्रण सूची (ईसीएल) में ऐसे लोगों को रखा जाता है जिन पर विभिन्न कानूनी कारणों से पाकिस्तान छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
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याचिकाकर्ता के वकील आरिफ जान अफरीदी ने अदालत को सूचित किया कि उनके मुवक्किल को अमेरिका के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान की विभिन्न अदालतों ने अफरीदी को 23 साल कैद की सजा सुनाई है। वकील ने कहा, 'मेरी मुवक्किल इमराना शकील के खिलाफ कोई अपराध साबित नहीं हुआ है। न ही क्या उसे अभी तक गिरफ्तार किया गया है। इमराना शकील और उनके बच्चों के नाम केवल कुछ रिपोर्टों के आधार पर ईसीएल में डाल दिए गए हैं।' वकील ने बताया कि डॉ. अफरीदी की पत्नी और बच्चों का नाम सरकार ने ईसीएल सूची में डाल दिया है। इस कारण वे कहीं भी नहीं जा सकते हैं।
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सुनवाई के दौरान सरकार की पैरवी कर रहे डिप्टी अटॉर्नी जनरल ने अदालत को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर डॉ शकील की पत्नी और बच्चों के नाम ईसीएल में रखे गए हैं। वर्तमान में, देश में कार्यवाहक सरकार है, इसलिए उनके पास ईसीएल सूची से नाम हटाने की शक्ति नहीं है। दलीलों को सुनने के बाद पेशावर हाईकोर्ट में जस्टिस अब्दुल शकूर की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को ईसीएल पर कोई नाम रखने का कोई अधिकार नहीं है।
न्यायमूर्ति शकूर ने कहा, "जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, तो उनका नाम ईसीएल पर कैसे रखा जा सकता है? ईसीएल सूची में इनका नाम रखना अवैध है।" रिपोर्ट्स के मुताबिक 60 साल की उम्र में अफरीदी, खैबर आदिवासी जिले में शीर्ष चिकित्सक थे। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रमुख के रूप में उन्होंने कई अमेरिकी वित्त पोषित टीकाकरण कार्यक्रमों की देखरेख की थी। उन पर ओसामा को पकड़ने में सीआईए की मदद करने का आरोप है। आरोपों के मुताबिक अफरीदी ने पाकिस्तानी छावनी शहर एबटाबाद में फर्जी टीकाकरण अभियान चलाया।
अमेरिकी सैन्य टुकड़ी ने अल-कायदा प्रमुख 2 मई, 2011 को एक गुप्त अमेरिकी हमले में मार गिराया था। अफरीदी को उसी साल पेशावर से गिरफ्तार किया गया था। ओसामा का पता बताने के आरोप के अलावा डॉ अफरीदी को आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने सहित राज्य विरोधी गतिविधियों के कई आरोपों में 33 साल की सजा कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में उनकी सजा घटाकर 23 साल कर दी गई।