फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan Election: world are keeping an eye on the elections to be held in Pakistan on Thursday

Pakistan Election: अगले 24 घंटे में होगा पाकिस्तान का सबसे बड़ा 'टेस्ट', अमेरिका समेत इन देशों की टिकी निगाहें

Wed, 07 Feb 2024 07:23 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Wed, 07 Feb 2024 07:23 PM IST
विज्ञापन
सार
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में संघर्ष कर रहे बीएलए के प्रवक्ता सरफराज खरोशी कहते हैं कि दरअसल पाकिस्तान की सियासत में पंजाब प्रांत का सबसे ज्यादा दखल रहता है। खरोशी के मुताबिक बलूचिस्तान से तो इस बार भी गुरुवार को होने वाले आम चुनाव में न के बराबर सहभागिता होनी तय है...
loader
Pakistan Election: world are keeping an eye on the elections to be held in Pakistan on Thursday
Pakistan Election - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

पाकिस्तान की लोकतंत्र और उसके भविष्य के लिए अगले 24 घंटे सबसे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दरअसल पाकिस्तान में गुरुवार को आम चुनाव हो रहे हैं। इन आम चुनावों को लेकर ही दुनिया के सभी प्रमुख देशों की निगाहें पाकिस्तान पर लगी हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने तो बकायदा पाकिस्तान में होने वाले चुनाव की प्रक्रिया में 'फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन' से चुनाव कराए जाने की बात कही है। विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि जिस तरीके से पाकिस्तान में पहले से ही चुनाव के नतीजे को लेकर कयासबाजी लगाई जा रही है, उससे वहां होने वाले चुनावों का कोई मतलब नजर नहीं आता है। फिलहाल पाकिस्तान के लिए आम चुनाव अपनी बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था और आर्थिक रिश्तों वाले देशों से मजबूत संबंध बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

पाकिस्तान में गुरुवार को होने वाले चुनावों को लेकर दुनिया के सभी देशों की निगाहें लगी हुई हैं। विदेशी मामलों के जानकार और भारतीय विदेश सेवा के रिटायर्ड अधिकारी एसएन सिंह कहते हैं कि अभी पाकिस्तान में जिस तरीके के हालात हैं उसमें चुनावों का मतलब महज एक दिखावा ही लग रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में जिस तरीके से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पर प्रतिबंध लगाया गया और उसके बाद नवाज शरीफ की पाकिस्तान में वापसी हुई, उससे बहुत हद तक आने वाले चुनाव के परिणामों की तस्वीर साफ हो जाती है। एसएन सिंह कहते हैं कि दरअसल पाकिस्तान चुनावों का एक तरह से दिखावा कर रहा है। क्योंकि पाकिस्तान सारी दुनिया में लोकतंत्र होने का ढिंढोरा पीटना है। वह कहते हैं कि दरअसल पाकिस्तान की सेना का रुचि विशेष तरह की परिस्थितियों में चुनाव को संपन्न करने की बना हुई है।

पाकिस्तान में होने वाले चुनाव से वहां की जनता बदहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था में सुधार की गुंजाइश मान कर चल रही है। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होने वाला। दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और एशिया मामलों के जानकार अभिषेक प्रताप सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान के चुनाव का मकसद महज दिखावे वाले लोकतंत्र का ढिंढोरा पीटने जैसा है। उनका कहना है कि जिस तरीके से अमेरिका और आईएमएफ जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियां पाकिस्तान में होने वाले चुनाव पर नजर रख रही हैं, उसके कई मायने हैं। अभिषेक के मुताबिक पाकिस्तान में अगर निष्पक्षता पूर्वक चुनाव होते, तो शायद दुनिया की प्रमुख एजेंसियां उसे बदहाल अर्थव्यवस्था से उबारने में मदद करतीं। लेकिन अब वहां के चुनाव में न तो पारदर्शिता है और न ही लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराए जा रहे हैं। पाकिस्तान अपने इन चुनावों के बाद अमेरिका समेत अन्य देशों से लोकतंत्र के नाम पर हाथ फैलाकर मदद की गुहार लगाएगा।

विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में होने वाले चुनाव में निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में संघर्ष कर रहे बीएलए के प्रवक्ता सरफराज खरोशी कहते हैं कि दरअसल पाकिस्तान की सियासत में पंजाब प्रांत का सबसे ज्यादा दखल रहता है। खरोशी के मुताबिक बलूचिस्तान से तो इस बार भी गुरुवार को होने वाले आम चुनाव में न के बराबर सहभागिता होनी तय है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में सेना प्रमुख और नवाज शरीफ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आते हैं। बिलावल अली भुट्टो सिंध से ताल्लुक रखते हैं। जबकि इमरान खान पेशावर से हैं और खैबर पख्तूनवा से आते हैं। वह कहते हैं क्योंकि पाकिस्तान में इस वक्त चुनाव सेना अपनी मनमर्जी से कर रही है। नवाज शरीफ की पार्टी ही आम चुनाव में जीतेगी, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। दरअसल पंजाब कनेक्शन का फायदा सेना और शरीफ उठाना चाहते हैं।

विदेशी मामलों के जानकार ब्रिगेडियर सतनाम सिंह संधू कहते हैं कि पाकिस्तानी सेना अपनी मनमर्जी का प्रधानमंत्री चाहती है। शुरुआती दौर में इमरान खान सेना के साथ कुछ कदमताल मिलाते रहे। लेकिन बाद में जब बात बिगड़ी, तो नवाज शरीफ की लंदन से पाकिस्तान में एंट्री कराई गई। ब्रिगेडियर संधू बताते हैं कि अब जिस तरह के हालात पाकिस्तान में बने हैं, उसमें पाकिस्तानी सेना ने पूरा दांव नवाज शरीफ पर ही लगा दिया है। ऐसे में चुनाव परिणाम के नतीजे किसके पक्ष में जाएंगे, यह समूची दुनिया में पहले से ही जानती है। हालांकि उनका मानना है कि पाकिस्तानी सेना और वहां की न्यायपालिका ने मिलकर तकरीबन ढाई साल पहले ही चुनाव की वह स्क्रिप्ट लिखनी शुरू कर दी थी, जिसके परिणाम इस चुनाव के बाद आने हैं।

वहीं सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के कई इलाकों में गुरुवार को होने वाले आम चुनाव का जमकर बहिष्कार भी हो रहा है। खासतौर से पीओके के कुछ हिस्सों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के चलते गुरुवार को कई जगह मत नहीं डाले जाएंगे। इसके अलावा बलूचिस्तान में भी मतदान का जमकर बहिष्कार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को होने वाले मतदान में अलग-अलग प्रांतों के प्रमुख हिस्सों में मतदान न होने की सूचनाएं भी सामने आ रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed