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पाकिस्तान के जून तक एफएटीएफ की ग्रे सूची से बाहर निकलने के आसार नहीं
Thu, 18 Feb 2021 01:49 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, इस्लामाबाद
एजेंसी, इस्लामाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 18 Feb 2021 01:49 AM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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पाकिस्तान का जून तक आतंकी फंडिंग की निगरानी करने वाली वैश्विक संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से बाहर निकलने के आसार नहीं है। हालांकि पाकिस्तान एफएटीएफ की पूर्ण बैठक से पहले सदस्यों देशों से समर्थन जुटाने की कोशिशों में जुटा है।
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अगर सदस्य देशों के बीच सहमति बनती है तो पाकिस्तान को इस साल जून तक सूची से बाहर आने में मदद मिल सकती है। बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एफएटीएफ की पूर्ण व कार्यकारी समूह की बैठक 21 से 26 फरवरी के बीच पेरिस में होगी। इन बैठकों में ग्रे सूची में पाकिस्तान की स्थिति पर फैसला होने की पूरी संभावना है।
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आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के सबसे ज्यादा जोखिम वाले देशों को ग्रे सूची में शामिल किया जाता है। पाकिस्तान को जून 2018 में इस सूची में रखा गया था। 27 मुद्दों को लागू कर वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए समयसीमा दी गई थी। पिछले साल अक्तूबर में एफएटीएफ ने बैठक में पाकिस्तान फरवरी 2021 तक इस सूची में बनाए रखने का फैसला किया था।
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दरअसल, पाकिस्तान वह छह प्रमुख दायित्वों को पूरा करने में नाकाम रहा था, जिनमें भारत के दो सर्वाधिक वांछित आतंकवादियों मौलाना मसूद अजहर और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एफएटीएफ की आगामी बैठक के नतीजे को लेकर आशा जताई थी, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तान कम से कम जून तक ग्रे सूची में शामिल रहेगा।