फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan EC summons leaders of several parties for not fielding minimum 5 per cent women candidates

Pakistan: पाकिस्तान में पांच फीसदी महिलाओं तक को प्रत्याशी नहीं बना पा रहे राजनीतिक दल, चुनाव आयोग ने किया तलब

Wed, 28 Aug 2024 10:01 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: बशु जैन Updated Wed, 28 Aug 2024 10:01 PM IST
सार

पाकिस्तान में चुनाव अधिनियम की धारा 206 के तहत आम चुनाव और प्रांतीय विधानसभा चुनावों में सामान्य सीटों पर कम से कम पांच फीसदी महिलाओं को प्रत्याशी बनाना राजनीतिक दलों के लिए जरूरी है।

विज्ञापन
Pakistan EC summons leaders of several parties for not fielding minimum 5 per cent women candidates
पाकिस्तान चुनाव आयोग ने दिया नोटिस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने आठ फरवरी को देश में हुए आम चुनावों में पांच फीसदी महिलाओं को प्रत्याशी न बनाने पर राजनीतिक दलों को तलब किया है। आयोग ने चार सितंबर को राजनीतिक दलों के नेताओं को पेश होकर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।  ्पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने कानून का पालन न करने पर जमात-ए-इस्लामी (जेआई), अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी), बलूचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी), तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) समेत 10 अन्य पार्टियों के प्रमुखों को नोटिस जारी किया है। 

विज्ञापन


पाकिस्तान में चुनाव अधिनियम की धारा 206 के तहत आम चुनाव और प्रांतीय विधानसभा चुनावों में सामान्य सीटों पर कम से कम पांच फीसदी महिलाओं को प्रत्याशी बनाना राजनीतिक दलों के लिए जरूरी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने इस मुद्दे को लेकर पार्टी के नेताओं को चार सितंबर को पेश होने के लिए कहा है।  आठ फरवरी को देश में हुए चुनावों में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने नेशनल असेंबली की 265 सीटों में से 93 पर जीत हासिल की थी। जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने 75 सीटें और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 54 सीटों पर जीत प्राप्त की। 
विज्ञापन


बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी और अन्य छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन सरकार बनाकर चार मार्च को शहबाज शरीफ ने दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इस गठबंधन में पीपीपी के अलावा मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम-पी), पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू), बलूचिस्तान अवामी पार्टी, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (जेड), इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी और नेशनल पार्टी शामिल रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आरक्षित सीटों को लेकर हुआ था विवाद
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़ सकी थी क्योंकि चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव चिन्ह खारिज कर दिया था। जिसके बाद पीटीआई महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटों पर दावा नहीं कर सकी, जो आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर राजनीतिक पार्टियों को दी जाती हैं।  ऐसे में आरक्षित सीटों पर दावे के लिए पीटीआई समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल में शामिल हो गए थे। इसके बाद सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल ने आरक्षित सीटों पर दावा किया, लेकिन पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के दावे को खारिज कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed