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तालिबान पर पाकिस्तान का कंट्रोल: कंधार हाईजैक के मास्टरमाइंड के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब को बनाया रक्षा मंत्री
Thu, 09 Sep 2021 08:53 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 09 Sep 2021 08:53 AM IST
सार
मुल्ला मोहम्मद याकूब तालिबान के पहले नेता और संस्थापक मुल्ला उमर का बेटा है। मुल्ला उमर जो कि IC-814 हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड था और पाकिस्तान के इशारे पर काम करता था।
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तालिबान
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विस्तार
अफगानिस्तान में भले ही तालिबान की सरकार बन गई हो लेकिन इसे कंट्रोल पाकिस्तान ही कर रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस नई सरकार में अधिकतर मंत्रियों का नाम आतंकियों की सूची में शामिल है। इनमें से एक नाम है मुल्ला मोहम्मद याकूब जिसे अफगानिस्तान का नया रक्षा मंत्री बनाया गया है। मुल्ला मोहम्मद याकूब तालिबान के पहले नेता और संस्थापक मुल्ला उमर का बेटा है। मुल्ला उमर जो कि IC-814 हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड था और इस हाईजैकिंग को पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल था।
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बता दें कि 24 दिसंबर 1999 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अपने साथियों को रिहा करवाने के लिए इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को हाईजैक कर लिया था और इसे मुल्ला उमर ही ऑपरेट कर रहा था। इस फ्लाइट में 176 यात्री सवार थे, जिन्हें हाईजैकर्स ने 7 दिनों तक बंधक बनाए रखा था।
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वहीं जब विमान कंधार पर पहुंचा तो तालिबानी आतंकियों ने विमान को चारों ओर से टैंकों से घेर लिया था। जब भारत ने हाईजैकरों से निपटने के लिए सैन्य कार्रवाई करनी चाही तो तालिबान और मुल्ला उमर ने अनुमति नहीं दी। अब इसी मुल्ला उमर का बेटा मुल्ला मोहम्मद याकूब अफगानिस्तान का रक्षा मंत्री होगा।
मुल्ला याकूब का रहा है काला इतिहास
महज 30 साल के मुल्ला याकूब ने व्यक्तिगत रूप से हाल के सशस्त्र अभियान का नेतृत्व किया और पहले जिलों सहित ग्रामीण क्षेत्रों पर कब्जा करना शुरू किया, और फिर देश भर के प्रांतों पर कब्जा करने का फैसला किया। मुल्ला याकूब के करीबी लोगों ने द न्यूज को बताया कि वह ऑपरेशन के दौरान कम सोता था और दवाओं पर निर्भर था। तालिबान के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने तब उन्हें बहुत अधिक तनाव न लेने की सलाह दी थी।
तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी
तालिबान की 33 मंत्रियों की सरकार में 14 आतंकी हैं। कई उपमंत्री और गवर्नर भी इनमें शामिल हैं। प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद, उसके दोनों उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर और मौलवी अब्दुल सलाम हनफी जैसे कई नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की काली सूची में शामिल हैं। वहीं अमेरिकी इनामी सूची में भी इनके नाम हैं। रक्षामंत्री मुल्ला याकूब, विदेश मंत्री मुल्ला अमीर खान मुत्तकी और डिप्टी शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई भी आतंकियों में हैं।