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Pakistan: सीक्रेट चिट्ठी से खुली पाकिस्तान की पोल! बांग्लादेश के लिए भरी है इतनी नफरत, तभी जारी किया ऐसा आदेश

Tue, 21 Nov 2023 11:06 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:06 PM IST
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सार
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 13 नवंबर को दुनिया भर के सभी मिशन ऑफिसेज और दूतावासों को एक चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी के मुताबिक बांग्लादेश में आयोजित किए जाने वाले सशस्त्र सेना दिवस के मौके पर अधिकारियों को शिरकत न करने का आदेश दिया गया था...
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Pakistan asked its consulates to decline any invitation for celebration of Bangladesh Armed Forces Day
Pakistan - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

पाकिस्तान अभी भी बांग्लादेश के लिए नफरत का गुबार लेकर घूम रहा है। यही वजह है कि इस्लामाबाद की ओर से बांग्लादेश में अपने दूतावास को ऐसी चिट्ठी लिखनी पड़ी, जिससे उसकी बांग्लादेश के प्रति नफरत उजागर हो गई। दरअसल बांग्लादेश मंगलवार को अपना 52वां सशस्त्र सेना दिवस मना रहा है। पाकिस्तान ने अपने मिशन को चिट्ठी लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस कार्यक्रम में किसी भी तरह से कोई अधिकारी न तो शामिल होगा और न ही कोई शुभकामना संदेश देगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से बांग्लादेश के लिए नफरत भरी यह टॉप सीक्रेट चिट्ठी अमर उजाला डॉट कॉम के पास मौजूद है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ मिलकर रिश्ते तो अच्छे रखना चाहता है, लेकिन उसके भीतर 1971 कि वह टीस अभी भी दबी हुई है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 13 नवंबर को दुनिया भर के सभी मिशन ऑफिसेज और दूतावासों को एक चिट्ठी लिखी। इस चिट्ठी के मुताबिक बांग्लादेश में आयोजित किए जाने वाले सशस्त्र सेना दिवस के मौके पर अधिकारियों को शिरकत न करने का आदेश दिया गया था। विशेष कर यह आदेश बांग्लादेश में मौजूद अपने मिशन के अधिकारियों के लिए दिया गया था, लेकिन दुनियाभर में बांग्लादेश के दूतावासों में अगर इस तरीके के कोई कार्यक्रम आयोजित किए जाने हों, तो उसके लिए भी पाकिस्तान के किसी अधिकारी को नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान कहने को तो अपने रिश्ते मुस्लिम देशों के साथ बेहतर बनाने का दिखावा करता है, लेकिन दूसरी ओर उन देशों के प्रति कितना जहर उसके दिल और दिमाग में भरा है वह इस चिट्ठी से जाहिर होता है।

विदेशी मामलों के जानकार रिटायर्ड ब्रिगेडियर एलडी बरुआ कहते हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियों को सरपरस्ती देने और बदहाल विदेश नीति के चलते ही अपने सबसे बुरे दौर में पहुंचा है। उनका कहना है कि वैसे तो पाकिस्तान मुस्लिम देशों के नाम पर जब सियासत करता है, तो बांग्लादेश को भी उसमें शामिल करके अपनी बात को आगे रखता है। लेकिन जब बांग्लादेश के सशस्त्र सेना दिवस पर कार्यक्रम हो रहा है, तो पाकिस्तान की ओर से जारी की गई चिट्ठी बताती है कि वह बांग्लादेश को लेकर कितना नफरती हो गया है। उनका कहना है कि दरअसल पाकिस्तान अभी भी अपनी बदहाल नीतियों के चलते और सेना के दखल के कारण ही विदेश नीतियों में फेल हो रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी की जाने वाली चिट्ठी यह साबित करती है कि 1971 के बाद भी पाकिस्तान ने अपने पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते कितने खराब कर रखे हैं।

विदेशी मामलों की जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की यह स्थिति सिर्फ बांग्लादेश के साथ ही नहीं, बल्कि अपनी सीमा से लगते हुए उन सभी मुल्कों के साथ भी षड्यंत्रकारी है। भारतीय विदेश सेवा से जुड़े रहे पूर्व राजनयिक आलोक सिन्हा कहते हैं कि बांग्लादेश के लिए जारी की गई चिट्ठी से पाकिस्तान की असलियत का पता चलता है। जबकि इससे पहले अपने अन्य पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान के लिए भी पाकिस्तान ने कुछ इसी तरीके का षड्यंत्रकारी रवैया अपनाया था। पाकिस्तान के अफगानिस्तान स्थित मिशन ऑफिस ने ऐसी ही एक चिट्ठी अफगानिस्तान के लिए भी लिखी थी। जानकारी के मुताबिक इस चिट्ठी में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर रहते हुए वहां की कई जानकारियों को सीक्रेट चिट्ठी के माध्यम से इस्लामाबाद को इनपुट उपलब्ध कराए थे। चिट्ठी के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच में न सिर्फ रिश्ते तल्ख हुए, बल्कि उसके बाद पाकिस्तान को अफगानिस्तान ने खुलकर 'एक्सपोज' भी किया।

विदेशी मामलों के जानकार बताते हैं कि पाकिस्तान की षड्यंत्रकारी नीतियों के चलते ही पाकिस्तान के कई मिशन ऑफिसेज अब लगातार शक के दायरे में भी आने लगे हैं। जिस तरीके से बांग्लादेश के बड़े और महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शिरकत न करके पाकिस्तान ने अपनी उपस्थिति के बाद भी दिल में भरे गुबार को जाहिर किया, वह अन्य देशों को एक नकारात्मक संदेश देने जैसा है। खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान सिर्फ साउथ एशिया के देश ही नहीं, बल्कि सार्क देशों में भी इस तरीके की रणनीति को अपनाता आया है। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान को जब अपने देश के साथ मुस्लिम देशों को जोड़ना पड़ता है, तो वह बांग्लादेश को शामिल करके अपनी संख्या बढ़ाने का दिखावा करता है। लेकिन बीते कुछ समय से जो हालात बन रहे हैं, उसके मुताबिक अब दोनों देशों के बीच न सिर्फ आपसी कलह खुलकर सामने आई है, बल्कि दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापारिक समझौते में भी जबरदस्त तौर पर कटौती होने लगी है।

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