Pakistan: पाकिस्तानी सेना का दावा- बलूच अलगाववादी समूह का संस्थापक गिरफ्तार, चलाया 'हाईप्रोफाइल' खुफिया ऑपरेशन
सेना ने कहा, पकड़ा गया शख्स प्रतिबंधित बलूच नेशनल आर्मी का संस्थापक और नेता भी था, जिसका गठन बलूच रिपब्लिकन आर्मी (बीआरए) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) के विलय के बाद किया गया था।
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पाकिस्तान इस समय इतिहास के अभूतपूर्व राजनीतिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। सुप्रीम कोर्ट दो प्रांतों में विधानसभा चुनाव कराने के लिए निर्देश दे चुकी है। देश में आटे के लिए लंबी कतारें लगी हैं। ऐसे में सेना और सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के नए-नए हथकंडे अपना रही हैं। इस बीच, सेना ने दावा किया है कि उसने एक सफल खुफिया ऑपरेशन में अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक प्रतिबंधित अलगाववादी समूह के संस्थापक को गिरफ्तार किया है। सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में बताया कि गुलजार इमाम उर्फ शाम्बे को योजनाबद्ध अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया। उसने कई स्थानों की महीनों तक यात्रा किया।
हिंसक विद्रोह का गढ़ अशांत बलूचिस्तान प्रांत
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगा संसाधन संपन्न बलूचिस्तान प्रांत लंबे समय से चल रहे हिंसक विद्रोह का गढ़ रहा है। बलूच विद्रोही समूह इससे पहले 60 अरब डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना को निशाना बनाकर कई साहसिक हमले कर चुके हैं। सेना ने कहा, पकड़ा गया शख्स प्रतिबंधित बलूच नेशनल आर्मी का संस्थापक और नेता भी था, जिसका गठन बलूच रिपब्लिकन आर्मी (बीआरए) और यूनाइटेड बलूच आर्मी (यूबीए) के विलय के बाद किया गया था। हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया है कि आतंकवादी को कहां पकड़ा गया था।
शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक
आईएसपीआर ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को पाकिस्तान के खिलाफ काम कर रही खुफिया एजेंसियों से संबंध होने के संदेह में 'उच्च मूल्य वाला लक्ष्य' बताया है। गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय में आई है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक हो रही है। बीते कुछ महीनों से देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है। आतंकवादी समूह देशभर में खुलेआम हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
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वार्ता टूटने के बाद टीटीपी-बलूच संगठनों ने तेज किए हमले
नवंबर में पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) के साथ वार्ता टूटने के बाद आतंकवादी समूह ने अपने हमले तेज कर दिए। टीटीपी ने खासतौर पर खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों में पुलिस को निशाना बनाया। बलूचिस्तान में विद्रोहियों ने भी अपनी हिंसक गतिविधियां तेज की हैं और टीटीपी के साथ गठजोड़ को औपचारिक रूप दिया है। आईएसपीआर के बयान के मुताबिक, इमाम को एक हाई प्रोफाइल और सफल खुफिया ऑपरेशन में पकड़ा गया। इसमें कहा गया है कि बीएनए ने देश में कई हिंसक आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें पंजगुर और नोशकी में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना भी शामिल है। इमाम 2018 तक बीआरए में ब्रह्मदाग बुगती के डिप्टी के रूप में बना रहा।
सेना का दावा- अफगानिस्तान और भारत की यात्रा कर चुका शख्स
सेना ने दावा किया है, अफगानिस्तान और भारत की उसकी यात्राएं भी ऑन रिकॉर्ड हैं। खुफिया एजेंसियों के साथ उसके संबंधों की जांच की जा रही है। बयान में आगे कहा गया है कि गुलजार इमाम की गिरफ्तार बीएनए के साथ-साथ अन्य आतंकवादी समूहों के लिए एक गंभीर झटका है, जो बलूचिस्तान में कड़ी मेहनत से अर्जित शांति को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।