Pakistan: पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुश्किलें बढ़ीं, अब अदालत ने पार्क लेन मामले में तलब किया
न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पार्क लेन मामले में तलब किया है। इससे पहले उन्हें बुधवार को थाट्टा जलापूर्ति भ्रष्टाचार मामले में तलब किया था।
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस्लामाबाद की एक अदालत ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के आरोपों के सिलसिले में उन्हें पेश होने का आदेश दिया है।
पार्क लेन मामले में पेशी
न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने पूर्व राष्ट्रपति को पार्क लेन मामले में तलब किया है। इससे पहले उन्हें बुधवार को थाट्टा जलापूर्ति भ्रष्टाचार मामले में तलब किया था।
तत्कालीन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पीडीएम गठबंधन सरकार द्वारा राष्ट्रीय जवाबदेही अध्यादेश (एनएओ) में किए गए संशोधनों के कारण थाटा जल आपूर्ति भ्रष्टाचार मामला जवाबदेही अदालतों से स्थानांतरित किए गए दर्जनों मामलों में से एक था। इन संशोधनों को उच्चतम न्यायालय ने 15 सितंबर को खारिज कर दिया था।
यह है मामला
वर्ष 2020 में, राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने जरदारी, गिलानी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पूर्व प्रधानमंत्री गिलानी पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी मेहमानों द्वारा उपहार के रूप में भेंट की गई तीन लक्जरी गाड़ियों को जरदारी और नवाज शरीफ को अपने पास रखने की अनुमति देकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया। एनएबी ने दावा किया है कि गिलानी ने नेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए तोशाखाना में उपहार जमा करने से संबंधित प्रक्रियाओं में ढील दी और अपने व्यक्तिगत लाभ और हित के लिए अवैध तरीकों से मामूली भुगतान पर वाहनों को उनके पास रखने दिया। इसी अदालत ने रेंटल पावर प्रोजेक्ट्स (आरपीपी) भ्रष्टाचार मामलों में संदिग्धों को तलब किया।
न्यायाधीश का सख्त रुख
सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के वकील तबरेज अदालत में पेश हुए। जब न्यायाधीश ने उन्हें अशरफ और अन्य संदिग्धों को बरी करने के लिए लंबित याचिका पर बहस शुरू करने के लिए कहा, तो तबरेज ने जोर देकर कहा कि बहस करना व्यर्थ रहेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों को फैसला सुनाने से रोक दिया है। इस पर न्यायाधीश मोहम्मद बशीर ने समन जारी किया और जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल अंतिम फैसले पर रोक लगाता है न कि कार्यवाही पर।
20 दिसंबर को होना है पेश
एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने जरदारी के साथ इकबाल खान नूरी, मोहम्मद इकबाल, ख्वाजा अनवर मजीद, अब्दुल गनी मजीद, एम फारूक अब्दुल्ला, यूनिस कदवई, हुसैन लवाई और अन्य के साथ पेश होने के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है। जरदारी पर पार्थेनॉन प्राइवेट लिमिटेड और पार्क लेन एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य को कर्ज देने और उनके गबन में शामिल होने का आरोप है।