सेना प्रमुख बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने के मामले में फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची पाक सरकार
- शीर्ष अदालत से किया अपने निर्णय के पुनरीक्षण का किया आग्रह
- मामले की सुनवाई बंद दरवाजे के पीछे कराने की भी गुहार लगाई
- फैसले में कई अहम बिंदुओं का संज्ञान नहीं लिया गया : याचिका
विस्तार
पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा सेवा विस्तार देने से जुड़े मामले में बृहस्पतिवार को याचिका दाखिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट से अपने निर्णय का पुनरीक्षण करने की गुहार लगाई। साथ ही सरकार ने इस मामले की सुनवाई बंद दरवाजे के पीछे कराने की भी गुहार लगाई है।
जियो न्यूज के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर के जरिये दाखिल पुनरीक्षण याचिका में पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में पहले दिए गए निर्णय को एकतरफ करते हुए बड़ी पीठ से सुनवाई कराने का आग्रह किया है।
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय देते समय कई अहम सांविधानिक व कानूनी बिंदुओं का संज्ञान नहीं लिया है। साथ ही यह भी दलील है कि सेना प्रमुख के सेवा विस्तार मामले पर विचार करते समय शीर्ष अदालत ने जजों का कार्यकाल बढ़ाए जाने से जुड़े अपने ही फैसले को आधार नहीं बनाया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की विशेष सलाहकार (सूचना व प्रसारण) फिरदौस आशिक अवान ने याचिका दाखिल करने की पुष्टि की है। फिरदौस ने मीडिया से कहा, हमाली कानूनी टीम ने शीर्ष अदालत के फैसले में कई कानूनी खामियों की तरफ इशारा किया था।
फिरदौस ने कहा, न्यायपालिका का सम्मान करते हुए सरकार इन खामियों का हल चाहती है और इसी कारण पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया गया। हालांकि फिरदौस ने कहा कि पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने के बाद भी संसद के जरिये कानूनी हल का विकल्प भी बरकरार रहेगा।
क्या था पूरा मामला
बता दें कि पाकिस्तान के चीफ जस्टिस आसिफ सईद खोसा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 28 नवंबर को जनरल बाजवा को छह महीने का सेवा विस्तार दिया था। यह विस्तार इस शर्त के साथ दिया गया था कि सरकार छह महीने के अंदर सेना प्रमुख को सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने के लिए संसद में एक कानून पारित कराएगी।
यह निर्णय उस समय दिया गया था, जब 59 वर्षीय जनरल बाजवा की 28 नवंबर की आधी रात को ही सेवानिवृत्ति होने वाली थी। इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने अगस्त में जनरल बाजवा को अगले तीन साल के लिए सेवा विस्तार दे दिया था, जिसे 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
जिन्ना का ‘दो राष्ट्र’ सिद्धांत आज ज्यादा स्वीकार्य : बाजवा
भारत में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर मचे घमासान के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने जिन्ना के द्वि-राष्ट्र के सिद्धांत (टू नेशन थ्योरी) का समर्थन किया है। बाजवा का कहना है कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का दो राष्ट्र का सिद्धांत आज के वक्त में और अधिक स्वीकार्य वास्तविकता है। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तानी नेताओं और आर्मी चीफ ने ऐसा बयान दिया है।
बाजवा ने कहा, आज दो राष्ट्र का सिद्धांत ज्यादा सही साबित हो रहा है। यह सिद्धांत कहता है कि धर्म के आधार पर देश अलग-अलग होने चाहिए। जिन्ना की 143वीं जयंती पर बाजवा ने कहा, पाकिस्तान देने के लिए हम जिन्ना का कितना भी शुक्रिया अदा करें, कम होगा। मुश्किल वक्त में अल्पसंख्यकों समेत सभी पाकिस्तानी साथ आए हैं। जिन्ना का दृष्टिकोण आस्था, एकता और अनुशासन के सिद्धांतों के साथ पाकिस्तान को आगे ले जाने के लिए लोगों को प्रेरित करता रहेगा।