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पाकिस्तान: इमरान की पार्टी के 25 विधायक डी-सीट घोषित, चुनाव आयोग के फैसले से और गहराएगा सियासी संकट 

Fri, 20 May 2022 09:56 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Amit Mandal Updated Fri, 20 May 2022 09:56 PM IST
सार

ईसीपी ने अपने फैसले में कहा कि पीटीआई के सांसद संविधान के अनुच्छेद 63-ए के तहत दोषी हैं और डी-सीट किया जाता है।
 

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Pak top election body "de-seats" 25 dissident lawmakers of Imran Khan's Tehreek-e-Insaf
Imran Khan, Shahbaz sharif - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के शीर्ष चुनाव निकाय ने पिछले महीने पंजाब के मुख्यमंत्री के चुनाव में पार्टी के निर्देश के खिलाफ मतदान करने के मामले में अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 25 असंतुष्ट सदस्यों को डी-सीट कर दिया। पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पिछले महीने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हमजा शहबाज के पक्ष में मतदान करने के लिए 25 असंतुष्ट प्रांतीय सांसदों की अयोग्यता के मामले में अपने फैसले की घोषणा की। ईसीपी ने अपने फैसले में कहा कि पीटीआई के सांसद संविधान के अनुच्छेद 63-ए के तहत दोषी हैं और डी-सीट किया जाता है।

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डी-सीटेड यानि विधायक अपनी सीट गंवा चुके हैं
डी-सीटेड का मतलब है कि विधायक या सांसद अपनी सीट खो चुके हैं लेकिन अयोग्य नहीं हैं। पीटीआई के ये असंतुष्ट विधायक इन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में हिस्सा ले सकते हैं। ईसीपी ने 17 मई को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें कहा गया था कि इसकी घोषणा अगले दिन की जाएगी लेकिन बाद में घोषणा को टाल दिया गया। जो डी-सीटेड हैं वे एक महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास इस मामले पर फैसला करने के लिए 90 दिन का समय है।
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यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के अनुच्छेद 63-ए के बारे में उसके फैसले के आलोक में महत्वपूर्ण है, जो दलबदल पर सांसदों की अयोग्यता से संबंधित है, जिसकी घोषणा इस सप्ताह की शुरुआत में की गई थी। शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाया था कि असंतुष्ट सांसदों के वोटों की गिनती नहीं की जा सकती है, जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। उन्हें कुल 197 मत मिले थे जबकि साधारण बहुमत के लिए 186 मतों की आवश्यकता थी। पीटीआई के 25 असंतुष्टों के वोटों ने हमजा को पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत पंजाब में बहुमत दिलाने में मदद की थी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि ईसीपी के फैसले से पाकिस्तान में राजनीतिक संकट और गहरा जाएगा, इससे अपदस्थ प्रधानमंत्री खान जल्दी चुनाव कराने के लिए दबाव डाल सकेंगे।
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नवाज शरीफ ने जल्द चुनाव कराने की बात कही 
पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के सर्वोच्च नेता नवाज शरीफ ने सुझाव दिया है कि उनकी पार्टी को जल्द चुनाव कराने चाहिए क्योंकि देश को आर्थिक संकटों से बाहर निकालना और साथ ही नौ दलीय गठबंधन सरकार का प्रबंधन करना कठिन होता जा रहा है। नवाज की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने गुरुवार को यहां एक रैली में अपने पिता के कुछ विचारों को विस्तार से बताया। 


मरियम ने कहा, नवाज शरीफ सरकार को अलविदा कहने के लिए तैयार हैं लेकिन पाकिस्तान के लोगों पर आर्थिक बोझ नहीं डालेंगे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की गलतियों का भार उठाने का कोई मतलब नहीं है। नया जनादेश लेने के लिए जनता के पास जाना बेहतर है। हालांकि, मरियम ने यह भी कहा कि जल्दी चुनाव जल्दी चुनाव की स्थिति में मौजूदा आर्थिक संकट को बढ़ा सकते हैं, जिसकी पीएमएल-एन समर्थक सराहना नहीं करेंगे।

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