फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pak PM said purpose of suo motu jurisdiction is to be exercised in public interest instead of for individual

Pakistan: सीजेपी विधेयक पर पीएम शहबाज का बड़ा बयान, बोले- स्वत: संज्ञान लेने का मूल उद्देश्य जनहित के लिए हो

Sat, 22 Apr 2023 11:55 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 22 Apr 2023 11:55 PM IST
सार

विधेयक को शुरू में संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को उनकी सहमति के लिए भेजा गया था। उन्होंने इस कानून को दो बार वापस भेज दिया।

विज्ञापन
Pak PM said purpose of suo motu jurisdiction is to be exercised in public interest instead of for individual
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ(फाइल) - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान में सरकार और न्यायपालिका के बीच विवाद अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) की स्वत: संज्ञान लेने और बेंच गठित करने की शक्तियों को कम करने की मांग करने वाले विधेयक के कार्यान्वयन को रोक दिया था। वहीं अब इस मामले पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को कहा कि स्वत: संज्ञान लेने का मूल उद्देश्य एक व्यक्ति के बजाय जनहित में प्रयोग किया जाना चाहिए।

विज्ञापन


विधेयक को शुरू में संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को उनकी सहमति के लिए भेजा गया था। उन्होंने इस कानून को दो बार वापस भेज दिया। बता दें कि राष्ट्रपति प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने यह कहते हुए विधेयक वापस भेज दिया कि यह संसद की क्षमता से परे है।
विज्ञापन


न्यायपालिका और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच आई खटास
जब से सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली सरकार सुप्रीम कोर्ट (अभ्यास और प्रक्रिया) विधेयक 2023 लेकर आई है तब से न्यायपालिका और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच संबंधों में तब से खटास आ गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बिल को 10 अप्रैल को संसद की संयुक्त बैठक में कुछ संशोधनों के साथ फिर से पारित किया गया और राष्ट्रपति को भेजा गया था। लेकिन संसद के संयुक्त सत्र से विधेयक के पारित होने के तीन दिन बाद, सीजेपी उमर अता बंदियाल सहित सुप्रीम कोर्ट की आठ सदस्यीय पीठ ने एक आदेश जारी किया, जो कानून बनने के बाद सरकार को विधेयक को लागू करने से रोकता है। शुक्रवार को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने कानून को अधिसूचित किया।


गौरतलब है कि विधेयक का संसद में पेश होना और प्रधानमंत्री शरीफ का यह बयान ऐसे समय आया, जब पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीशों ने देश के शीर्ष न्यायाधीश की स्वत: संज्ञान लेने की शक्तियों पर सवाल उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed