अपना घर संभलता नही...और पाक पीएम ईरान-सऊदी के बीच तनाव कम करने पहुंचे तेहरान
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान सेना द्वारा तख्तापटल करने की खबरों के बीच अपना मुल्क छोड़ तेहरान रवाना हो गए हैं। कहा जा रहा है कि तेहरान में इमरान सऊदी अरब और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने का काम करेंगे।
2015 में यमन पर हमलों की शुरुआत और रियाद के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा 2016 में एक प्रमुख शिया धर्मगुरु के निष्कासन के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। तनाव में वृद्धि तब हुई जब हाल में ही सऊदी अरामको के रिफाइनरी पर 14 सितंबर को हुए ड्रोन हमलों में सऊदी और अमेरिका ने ईरान का हाथ बताया था, हालांकि ईरान ने इससे इनकार किया था।
11 अक्टूबर को ईरानी स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर में सऊदी अरब के पास मिसाइल से हमला किया गया था जिसमें टैंकर को भारी नुकसान पहुंचा था। इस हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को एक बार और बढ़ा दिया।
इमरान खान की इस साल यह दूसरी ईरान यात्रा है। इमरान के साथ पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और प्रवासी पाकिस्तानी और मानव संसाधन विकास के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक सईद जुल्फिकार अब्बास बुखारी भी हैं।
पाक में इमरान के खिलाफ सेना और विपक्षी पार्टियां लामबंद
इमरान खान पर पाकिस्तान की विपक्षी पार्टियों सहित कई धार्मिक नेता भी हमलावर हैं। उन्होंने इमरान सरकार को विफल करार दे दिया है। वहीं कई धार्मिक और राजनैतिक पार्टियां इमरान को सत्ता से हटाने के लिए बड़ी रैली करने की तैयारी में हैं।
पाकिस्तान में जारी राजनैतिक उठापठक के बीच इमरान का अपना देश छोड़कर दूसरे देशों की समस्याओं का समाधान करना कई लोगों को नागवार गुजर रहा है। वहीं कई रिपोर्ट्स के आधार पर कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना भी इमरान का तख्तापलट करने की कोशिश में लगी हुई है।
तख्तापलट करने की कोशिशों में जुटी पाक सेना
हाल में ही चीन दौरे पर पहुंचे इमरान खान के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के दौरान बाजवा भी उनके साथ मौजूद थे। यह पहला मौका नहीं था जब बाजवा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ विदेश दौरे पर गए। कुछ महीने पहले वह इमरान के साथ अमेरिका के दौरे पर गए थे। पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी मीडिया में ऐसी खबरें छपी कि जनरल बाजवा देश के मामलों में बड़ी भूमिका चाहते हैं। पाकिस्तानी आर्मी चीफ को हाल ही में तीन साल का सेवा विस्तार दिया गया है।
इससे पहले पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने देश के बड़े कारोबारियों से निजी मुलाकात की थी। यह मुलाकात कराची के सैन्य कार्यालय के अलावा सेना के रावलपिंडी स्थित हेडक्वार्टर में आयोजित की गई, जहां पर बाजवा ने कारोबारियों से अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सुझाव मांगे। विशेषज्ञों ने इसे एक तरह से सेना की तख्तापलट करने की तैयारी बताया था।