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मुशर्रफ फांसी से पहले मर जाए तो उसके शव को तीन दिन तक डी चौक पर लटकाकर रखें : पाक कोर्ट

Thu, 19 Dec 2019 07:46 PM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: देव कश्यप Updated Thu, 19 Dec 2019 07:46 PM IST
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Pak court said Drag Musharraf body to central square in Islamabad and hang for three days
परवेज मुशर्रफ - फोटो : पीटीआई

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ को देश से गद्दारी के लिए विशेष अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। पूर्व राष्ट्रपति को 2007 में तख्तापलट और आपातकाल लगाने का दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि अगर मुशर्रफ किन्हीं कारणों से फांसी देने से पहले मर जाते हैं तो उनकी लाश खींचकर इस्लामाबाद के डी चौक यानी डेमोक्रेसी चौक पर लाई जाए और उसे तीन दिन वहां लटकाया जाए।

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पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार है जब किसी सैन्य शासक को देशद्रोह में फांसी की सजा सुनाई गई है। मुशर्रफ के खिलाफ दिसंबर 2013 में देशद्रोह का केस दर्ज हुआ। 31 मार्च 2014 को उन्हें हटाया गया और मुकदमा शुरू हुआ। मुशर्रफ 2016 में भागकर दुबई चले गए और फिर पाकिस्तान कभी नहीं लौटे।
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पेशावर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 17 दिसंबर को दिए 167 पन्नों के आदेश में यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हर सूरत में मुशर्रफ को पूरी सजा दी जाए। बता दें कि डी चौक के पास राष्ट्रपति भवन, पीएमओ और सुप्रीम कोर्ट स्थित है। 
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पहरेदार भी मुशर्रफ के कृत्य में शामिल
कोर्ट ने कहा कि तत्कालीन कोर कमांड कमेटी, मुशर्रफ के पहरे में तैनात सभी वर्दीधारी अधिकारी भी उसके इस कृत्य में भागीदार माने जाएंगे। पूरे मामले में कोर्ट आरोपी मुशर्रफ को दोषी करार देता है और इन अपराधों के लिए आरोपी को अंतिम सांस तक फंदे पर लटकाया जाए।

कोर्ट ने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 6 के तहत यह सजा सुनाई है। इसके तहत, कोई व्यक्ति संविधान को कुचलने, निलंबित करने का प्रयास करता है या बलप्रयोग कर संविधान के खिलाफ साजिश करता है तो वह देशद्रोह का दोषी माना जाएगा। ऐसे व्यक्ति को फांसी की सजा हो सकती है।

सजा सुनाने वाले जज का दिमाग ठीक नहीं : पाक सरकार
मुशर्रफ की सजा पर नाराजगी जताते हुए पाकिस्तान सरकार ने कहा, सजा सुनाने वाली पीठ के मुखिया पेशावर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ का दिमाग ठीक नहीं है। फैसले में मुशर्रफ की लाश को खींचकर लाने और तीन दिन तक चौराहे पर टांगने की बात जरूर किसी मानसिक विकार के तहत आदेश में लिखी गई।


कानून मंत्री फारोग नसीम ने कहा, ऐसी सजा पाकिस्तान की सजा के खिलाफ है। सरकार ने तय किया है कि ऐसा व्यक्ति किसी उच्च न्यायालय का जज नहीं हो सकता और इन्हें हटाने के लिए सुप्रीम न्यायिक परिषद के पास अर्जी दी जाएगी। साथ ही इस आदेश के खिलाफ भी अपील दायर की जाएगी। 

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