अमेरिका पहुंची पाक मानवाधिकार कार्यकर्ता, मांगी राजनीतिक शरण
- कश्मीर पर दुष्प्रचार कर रहे पाक को दुनिया के सामने उठानी पड़ी शर्मिंदगी
- इमरान खान से की थी सुरक्षा की अपील
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कश्मीर घाटी में मानवाधिकार की स्थिति के बारे में व्यापक वैश्विक दुष्प्रचार के बीच, पाकिस्तान को शुक्रवार को उस वक्त बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब पता चला कि कई महीनों से पाकिस्तान में छिपी प्रमुख मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल बचकर निकलने में सफल रहीं। पाकिस्तान में जिंदगी को खतरा बताते हुए गुलालई ने अमेरिका में राजनीतिक शरण मांगी है।
पिछले महीने अमेरिका पहुंची 32 वर्षीय गुलालई अपनी बहन के साथ न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में रह रही हैं। पिछले साल नवंबर में इस्लामाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया गया था कि विदेश में गुलालई की कथित देश विरोधी गतिविधियों के लिए आईएसआई ने उनका नाम 27 मई को एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ब्लैकलिस्ट) में डालने की सिफारिश की है।
अमेरिकी आपत्ति के बावजूद पाक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हालांकि, इस्माइल ने खुलासा नहीं किया कि वह देश छोड़ने में कैसे कामयाब रही। इस्माइल द्वारा ईसीएल में अपना नाम डालने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका के बाद इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उसका नाम सूची से हटाने का आदेश दिया था।
अदालत ने आंतरिक मामलों के मंत्रालय को आईएसआई द्वारा की गई सिफारिशों के संदर्भ में गुलालई का पासपोर्ट जब्त करने और कार्रवाई करने की अनुमति दी थी। लेकिन सरकार ने इस पर चुप्पी साध ली।
भागने का राज नहीं बता सकती
इस्माइल ने तीन महीने पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में अपने दोस्तों के यहां गुजारे। इस दौरान ज्यादातर वह घर के अंदर ही रही। हालांकि, इस्माइल अभी भी इस्लामाबाद में रह रहे अपने माता-पिता के बारे में चिंतित हैं, जो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय मदद देने के आरोप और कड़ी नजरबंदी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने एक समाचार पत्र को साक्षात्कार के दौरान बताया कि ‘मैं आपको पाकिस्तान से बाहर भागने की कोशिश के बारे में बता नहीं सकती.... मेरे वहां से निकलने की कहानी कई लोगों की जिंदगी को जोखिम में डाल देगी।’
इमरान खान से की थी सुरक्षा की अपील
हाल के दिनों में, वह कथित तौर पर अमेरिका में विभिन्न मानवाधिकार रक्षकों और कांग्रेस नेताओं के स्टाफ से मिली हैं। इस्माइल ने वॉयसेज फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी नाम का एक शोध और एडवोकेसी ग्रुप लॉन्च किया है। इस ग्रुप का मकसद दुनिया के संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं की रक्षा करना है। इस्माइल ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी।
क्या है मामला
इमरान खान के सत्ता में आने के एक साल बाद इस्माइल की मुश्किलें शुरू हुई। पश्तून तहफ्फुज आंदोलन (पीटीएम) की कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल पर आतंक निरोधी कानूनों के तहत देशद्रोह का आरोप लगाया गया। इस्माइल ने फरिश्ता मोहम्मद का शव इस्लामाबाद के वुडलैंड में मिलने के बाद पिछले महीने उसकी हत्या के लिए अधिकारियों की भूमिका को उजागर करने के लिए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।