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US: तय समय से ज्यादा समय तक अमेरिका में रहे सात हजार भारतीय छात्र, यूएस संसद में पेश रिपोर्ट में दावा
Thu, 30 Jan 2025 02:38 PM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 30 Jan 2025 02:38 PM IST
सार
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज की जेसिका एम वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को बताया कि ब्राजील, चीन, कोलंबिया और भारत जैसे देशों में हजारों लोग अपनी वीजा अवधि से ज्यादा समय तक अमेरिका में रहते हैं। इनमें भारत के नागरिकों संख्या सबसे ज्यादा है, 7,000 से भी ज्यादा।
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अमेरिका का झंडा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत से अमेरिका जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि 2023 में भारत से 7,000 से अधिक छात्र अमेरिका में अपने निर्धारित समय से अधिक समय तक रुके है। यह जानकारी सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज की जेसिका एम वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को दी। उन्होंने बताया कि दुनिया के 32 देशों में छात्र और विनिमय आगंतुकों के अमेरिका में तय समय से अधिक रुकने की दर 20 प्रतिशत से भी ज्यादा है। विशेष रूप से, एफ-1 और एम-1 वीजा धारक, जो शैक्षिक और व्यावसायिक कामो के लिए आते हैं, इनमें सबसे ज्यादा लोग तय समय से अधिक रुकते हैं।
वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को ये भी बताया कि ब्राजील, चीन, कोलंबिया और भारत जैसे देशों में हजारों लोग अपनी वीजा अवधि से ज्यादा समय तक अमेरिका में रहते हैं और भारत से आने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, करीब 7,000 से भी ज्यादा। उन्होंने इसके अलावा अमेरिका की आव्रजन नीतियों में सुधार की आवश्यकता की बात की, जिसमें एच-1बी वीजा जैसे कार्यक्रमों में सुधार की भी सिफारिश की गई है।
वीजा नीति में समायोजन की जरूरत- वॉन
साथ ही वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को बताया कि वीजा जारी करने की नीतियों में समायोजन की ज़रूरत है और आंतरिक प्रवर्तन को मजबूत करने की भी। इसके अलावा भी उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कई महत्वपूर्ण तरीकों से कानून में संशोधन करना चाहिए।
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छात्र वीजा को लेकर वॉन की सलाह
जेसिका एम वॉन ने अमेरिकी संसद को बताया कि छात्र वीजा आवेदकों पर दोहरे इरादे की अवधारणा लागू नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि छात्रों को यह दिखाना चाहिए कि वे अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद अपने देश वापस लौटेंगे, न कि अमेरिका में बसने का इरादा रखें।
दो साल की अवधी के लिए देना चाहिए H-1B वीजा-वॉन
इसके अलावा, उन्होंने H-1B वीजा के लिए एक और सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह वीजा दो साल की अवधि के लिए दिया जाना चाहिए, जिसे चार साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीन कार्ड की याचिका के आधार पर स्वचालित वीजा विस्तार नहीं होना चाहिए।
साथ ही वॉन ने यह भी कहा कि हर साल H-1B वीजा की संख्या 75,000 या उससे कम होनी चाहिए, जिसमें गैर-लाभकारी और अनुसंधान क्षेत्रों के वीज़ा भी शामिल हैं। अगर आवेदन ज्यादा आते हैं, तो सबसे कुशल श्रमिकों को ही वीज़ा मिलना चाहिए और इसके लिए उच्चतम वेतन देने वाले नियोक्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को ये भी बताया कि ब्राजील, चीन, कोलंबिया और भारत जैसे देशों में हजारों लोग अपनी वीजा अवधि से ज्यादा समय तक अमेरिका में रहते हैं और भारत से आने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है, करीब 7,000 से भी ज्यादा। उन्होंने इसके अलावा अमेरिका की आव्रजन नीतियों में सुधार की आवश्यकता की बात की, जिसमें एच-1बी वीजा जैसे कार्यक्रमों में सुधार की भी सिफारिश की गई है।
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वीजा नीति में समायोजन की जरूरत- वॉन
साथ ही वॉन ने अमेरिकी हाउस कमेटी को बताया कि वीजा जारी करने की नीतियों में समायोजन की ज़रूरत है और आंतरिक प्रवर्तन को मजबूत करने की भी। इसके अलावा भी उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कई महत्वपूर्ण तरीकों से कानून में संशोधन करना चाहिए।
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छात्र वीजा को लेकर वॉन की सलाह
जेसिका एम वॉन ने अमेरिकी संसद को बताया कि छात्र वीजा आवेदकों पर दोहरे इरादे की अवधारणा लागू नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब यह है कि छात्रों को यह दिखाना चाहिए कि वे अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद अपने देश वापस लौटेंगे, न कि अमेरिका में बसने का इरादा रखें।
दो साल की अवधी के लिए देना चाहिए H-1B वीजा-वॉन
इसके अलावा, उन्होंने H-1B वीजा के लिए एक और सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह वीजा दो साल की अवधि के लिए दिया जाना चाहिए, जिसे चार साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीन कार्ड की याचिका के आधार पर स्वचालित वीजा विस्तार नहीं होना चाहिए।
साथ ही वॉन ने यह भी कहा कि हर साल H-1B वीजा की संख्या 75,000 या उससे कम होनी चाहिए, जिसमें गैर-लाभकारी और अनुसंधान क्षेत्रों के वीज़ा भी शामिल हैं। अगर आवेदन ज्यादा आते हैं, तो सबसे कुशल श्रमिकों को ही वीज़ा मिलना चाहिए और इसके लिए उच्चतम वेतन देने वाले नियोक्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।