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US: 'अमेरिका में हर 31 में से एक बच्चा ऑटिज्म का शिकार', लगातार बढ़ रहे मामलों पर स्वास्थ्य सचिव ने जताई चिंता

Thu, 17 Apr 2025 08:16 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: बशु जैन Updated Thu, 17 Apr 2025 08:16 AM IST
सार

स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने कहा कि ऑटिज्म परिवारों को नष्ट कर देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका में बच्चों में ऑटिज्म का निदान खतरनाक दर पर किया जा रहा है। इसका कारण बनने वाले पर्यावरणीय कारकों की पहचान के लिए शोध किया जाएगा। 

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Autism Cases Rising Rapidly Among US Children Says Health Secretary Kennedy world news in Hindi
रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर - फोटो : एक्स/रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर

विस्तार

अमेरिका में बच्चों में ऑटिज्म के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां 31 में से एक बच्चा इस रोग का शिकार हो रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका में बच्चों में ऑटिज्म का निदान खतरनाक दर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसका कारण बनने वाले पर्यावरणीय कारकों की पहचान के लिए शोध किया जाएगा। 
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रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि अनुमानित 31 अमेरिकी बच्चों में से एक को ऑटिज्म है। यह 2020 के बाद से तेजी से बढ़ा है। कैनेडी ने कहा कि ऑटिज्म परिवारों को नष्ट कर देता है। इससे भी महत्वपूर्ण यह हमारे सबसे बड़े संसाधन बच्चों को नष्ट कर देता है। ये ऐसे बच्चे हैं जिन्हें इस तरह से पीड़ित नहीं होना चाहिए। उन्होंने ऑटिज्म को एक रोकथाम योग्य बीमारी कहा। हालांकि शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों ने इससे जुड़े आनुवंशिक कारकों की पहचान की है।
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ऑटिज्म को बीमारी नहीं माना जाता है, बल्कि एक जटिल विकार है जो मस्तिष्क को प्रभावित करता है। मामले गंभीरता में व्यापक रूप से भिन्न होते हैं। इसके लक्षण भाषा, सीखने और सामाजिक या भावनात्मक कौशल में देरी हो सकती है। कुछ ऑटिस्टिक लक्षण वयस्कता में भी ध्यान नहीं दिए जा सकते हैं। जिन लोगों ने ऑटिज्म पर दशकों तक शोध किया है, उन्हें भी इसका कोई एक कारण नहीं मिला है। आनुवंशिकी के अलावा वैज्ञानिकों ने विभिन्न संभावित कारकों की पहचान की है, जिसमें बच्चे के पिता की उम्र, मां का वजन और क्या उसे मधुमेह था या वह कुछ रसायनों के संपर्क में थी।

कैनेडी ने कहा कि ऑटिज्म का कारण निर्धारित करने की उनकी व्यापक योजना उन सभी पर्यावरणीय कारकों और अन्य को देखेगी। उन्होंने पहले ऑटिज्म के कारणों का निर्धारण करने के लिए सितंबर समयसीमा तय की थी, लेकिन बुधवार को कहा कि तब तक उनका विभाग कम से कम कुछ उत्तर निर्धारित कर लेगा। कैनेडी ने कहा कि इस प्रयास में विश्वविद्यालयों और शोधकर्ताओं को अनुदान जारी करना शामिल होगा। 


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उन्होंने कहा कि शोधकर्ताओं को विज्ञान का अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सीडीसी के मुताबिक 2020 से पहले हर 36 में से 1 एक बच्चा ऑटिज्म से पीड़ित था।  सबसे ज्यादा मामले उन बच्चों में हैं जो एशियाई/प्रशांत द्वीपवासी, अमेरिकी भारतीय/अलास्का मूल निवासी और अश्वेत हैं। सीडीसी ने आठ साल के बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूल रिकॉर्ड की जांच की, क्योंकि अधिकांश मामलों का निदान उसी उम्र तक हो जाता है। अन्य शोधकर्ताओं के अपने अनुमान हैं। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि सीडीसी का अनुमान सबसे सही है।    

कैनेडी ने उन सिद्धांतों को गलत बताया कि  ऑटिज्म के मामलों में वृद्धि को विकार के बारे में अधिक जागरूकता के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऑटिज्म शोधकर्ताओं ने बढ़ती जागरूकता के साथ-साथ चिकित्सा प्रगति और हल्के मामलों के निदान में वृद्धि का हवाला दिया है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय में ऑटिज्म सेंटर की निदेशक एनेट एस्टेस ने कहा कि ऑटिज्म के निदान में वृद्धि के कारण वैज्ञानिक और स्वास्थ्य देखभाल में हुई प्रगति पर निर्भर करते हैं। कई लोगों के लिए इसे समझना मुश्किल है क्योंकि ऑटिज्म के कारण जटिल हैं।

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