दोगुनी रफ्तार : जिस स्तर पर पहुंचने में डेल्टा-बीटा को 100-100 दिन लगे, ओमिक्रॉन 10 दिन में पहुंचा
दुनिया पर छाने जा रहे इस नए संकट ने एक बार फिर इंसानी लापरवाही की कलई खोल दी है। भारत में 1 दिसंबर की मध्यरात्रि से सुबह 8 बजे तक भारत में 37 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लैंड कर चुकी थीं। हालांकि इनमें 7,976 यात्री आए, जिनकी आरटी-पीसीआर जांच करवाई गई। 10 लोग कोविड पॉजिटिव मिले थे, जिनके सैंपल जीनोम जांच में भेजे गए हैं।
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विस्तार
ओमिक्रॉन दुनिया के 29 देशों में 373 लोगों में मिल चुका है, जिनमें सर्वाधिक 183 दक्षिण अफ्रीका के हैं। इसकी तेजी का अंदाजा इस बात से होता है कि दक्षिण अफ्रीका में बीटा वैरिएंट 50 प्रतिशत मामलों में और डेल्टा को 75 प्रतिशत मामलों में मिलने में 100 दिन लगे थे, लेकिन ओमिक्रॉन महज 10 दिन में 80 प्रतिशत मामलों में मिलने लगा है। इसलिए इसे बाकी वायरस वैरिएंट्स से 500% तेज माना जा रहा है।
स्पाइक प्रोटीन ज्यादा शक्तिशाली
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मानव कोशिकाओं से चिपकने में मदद करने वाले स्पाइक प्रोटीन इस वेरिएंट में ज्यादा शक्तिशाली हैं, इसलिए यह ज्यादा तेजी से फैल रहा है। आशंका है कि इसकी म्यूटेशन की रफ्तार भी दोगुनी हो सकती है।
हल्के से गंभीर श्रेणी के मरीज
डब्ल्यूएचओ के अनुसार ओमिक्रॉन के मरीज हल्के से गंभीर श्रेणी के कोविड-19 मरीज बन रहे हैं। हमेशा की तरह संभलते हुए संगठन ने कहा कि अभी वायरस की घातकता पर निष्कर्ष देना जल्दबाजी होगी। लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिले शुरुआती डाटा ने संकेत दिए हैं कि यहां अस्पताल में भर्ती होने वालों की तादाद तेजी से बढ़ी है।
भारत में स्थिति : 7976 यात्री मध्यरात्रि से सुबह तक आए
1 दिसंबर की मध्यरात्रि से सुबह 8 बजे तक भारत में 37 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लैंड कर चुकी थीं। इनमें 7,976 यात्री आए, जिनकी आरटी-पीसीआर जांच करवाई गई। 10 लोग कोविड पॉजिटिव मिले थे, जिनके सैंपल जीनोम जांच में भेजे गए हैं। दो में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई। यह दोनों पुरुष हैं, एक की उम्र 66 और दूसरे की 46 वर्ष है। इन सभी के प्राइमरी और सेकंडरी कॉन्टेक्ट तलाशे जा रहे हैं।
ये हैं सिफारिशें
- लोगों व संस्थानों के लिए : ठीक से फिट मास्क, हाथ साफ रखना, फिजिकल डिस्टेंस, घरों व ऑफिसों में खिड़कियां खुली रखना, भीड़ में न जाना और समय पर टीका।
- जांच : आरटी-पीसीआर की सलाह दी गई है।
- इलाज : गंभीर मरीजों के प्रोटोकॉल को ही अपनाएं।
- टीके : अभी पता नहीं है कि ओमिक्रॉन पर मौजूदा टीकों का क्या प्रभाव होगा। संकेत है कि टीका लगवा चुके लोगों को भी यह हो सकता है। हालांकि गंभीरता की आशंका कम है।
ओमिक्रॉन का खौफ : देश में स्कूल जाना बंद कर सकते हैं 14% बच्चे : सर्वे
ओमिक्रॉन के डर से देशभर में 14 फीसदी बच्चे स्कूल जाना बंद कर सकते हैं। यह बात एक राष्ट्रव्यापी सर्वे में सामने आई है। ऑनलाइन मंच लोकल सर्कल द्वारा कराया यह सर्वे बताता है कि आगामी दिनों में बच्चों को कक्षाओं में न भेजने वाले माता-पिताओं की तादाद बढ़ने के आसार हैं।
यह संभावना 308 जिलों में 15,875 माता-पिताओं की राय जानने के बाद जताई है। इसमें पता लगा है कि कोरोना के नए स्वरूप से खतरे के मद्देनजर कक्षाओं में बच्चों की व्यक्तिगत उपस्थिति 14% घट सकती है। दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टरों के हवाले से सर्वे में कहा गया है कि ओमिक्रॉन के मामले 25 साल से कम उम्र वालों में अधिक पाए हैं।
यूपी समेत 7 राज्यों में बिना सुई का टीका
कोविड-19 से बचाव के लिए फार्मा कंपनी जायडस कैडिला द्वारा विकसित बिना सुई का टीका जाइकोव-डी देश में पहले उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों में दिया जाएगा। बाकी राज्य पंजाब, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने इन राज्यों से उन जिलों के नाम मांगे हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने किसी भी टीके की सिंगल डोज नहीं ली है।
हर घर दस्तक अभियान के मूल्यांकन बैठक में भूषण ने कहा कि शुरुआत में यह टीका वयस्कों को ही दिया जा रहा है। हालांकि भारत ने आपात उपयोग के तहत इसे 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को देने की अनुमति भी दे रखी है। यह टीका तीन डोज में 28 दिनों के अंतर पर दिया जाता है।
265 का टीका..
टीके की कीमत 265 रुपए है और 93 रुपए प्रति डोज सुई-विहीन एप्लीकेटर के लिए लग रहे हैं। फार्मा जेट कहे जा रहे इस एप्लीकेटर से ही यह टीका दिया जाता है।
24 घंटों में मिले 9,765 नए मामले
देशभर में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 9,765 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 477 लोगों की जान गई है जबकि 8,548 लोग इस बीमारी से ठीक हुए है। सक्रिय मरीजों की संख्या 99,763 हो गई। देश की रिकवरी दर 98.35 फीसदी है।
महाराष्ट्र : नगर परिषद का ऑफर टीका लगवाओ, टीवी-फ्रिज पाओ
महाराष्ट्र में हिंगोली नगर परिषद ने लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर एक उपहार योजना शुरू की है। इसके तहत टीके की खुराक लेने वाले स्थानीय लोगों को लकी ड्रॉ के जरिए एलईडी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे पुरस्कार जीतने का अवसर दिया जा रहा है। दो से 24 दिसंबर के बीच खुराक लेने वाले लोगों के लिए 27 दिसंबर को लकी ड्रॉ आयोजित करने का निर्णय लिया।