दक्षिण कोरिया: बुजुर्ग भी कर रहे हैं डेटिंग, एप से ढूंढ रहे हैं साथी
जानकारों का कहना है कि दक्षिण कोरिया में गुजरे दशकों के दौरान तेज आर्थिक विकास और सामाजिक बदलावों की कीमत बुजुर्गों ने चुकाई है। पारंपरिक परिवारों के टूटने और सरकार की तरफ से पर्याप्त इंतजाम ना किए जाने की वजह से वे एकांत में जीवन गुजराने को मजबूर रहे हैं...
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दक्षिण कोरिया में बुजुर्गवार लोग अब अधिक से अधिक डेटिंग एप की सेवा ले रहे हैं। ऐसा वे अपने लिए नया साथी चुनने के लिए कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक इस काम में उनकी मदद उनके बेटे-बेटियां भी करने लगी हैं। इस वजह से दक्षिण कोरिया में डेटिंग एप्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है।
59 वर्षीया जेएस ओह ने ब्रिटिश अखबार द फाइनेंशियल टाइम्स से कहा- ‘मेरी बेटी ने मेरे लिए डेटिंग एप का कूपन खरीदा। मुझे अपनी पीढ़ी के किसी व्यक्ति से मिल कर बहुत संतोष हुआ।’ इस एप के जरिए ओह की मुलाकात अपने से चार साल बड़े एक व्यक्ति से हुई। अब वे उनके साथ रह रही हैं। इसके पहले ओह अपने दो कुत्तों के साथ जीवन गुजार रही थीं।
गरीबी और आत्म-हत्या की दर ऊंची
जानकारों का कहना है कि दक्षिण कोरिया में गुजरे दशकों के दौरान तेज आर्थिक विकास और सामाजिक बदलावों की कीमत बुजुर्गों ने चुकाई है। पारंपरिक परिवारों के टूटने और सरकार की तरफ से पर्याप्त इंतजाम ना किए जाने की वजह से वे एकांत में जीवन गुजराने को मजबूर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बाकी विकसित देशों की तुलना में दक्षिण कोरिया में उम्रदराज लोगों के बीच गरीबी और आत्म-हत्या की दर ऊंची है। लेकिन अब एप का जमाना आने से उनके लिए नई उम्मीदें पैदा हुई हैं। जानकारों का कहना है कि बदली सामाजिक सोच की वजह से अब संतानें भी नया साथी ढूंढने में अपने माता पिता की मदद कर रही हैं।
56 वर्षीय जेडब्लू किम ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा- ‘हालांकि मैं अपने बालिग बच्चों के साथ रहती थी, लेकिन अकसर अकेलापन महसूस करने लगती थी। मैं लंबे समय से चाहती थी कि किसी से मेरी मुलाकात हो।’ किम के बेटे को जब अपनी तनख्वाह मिली, तो उससे कपल.नेट नाम की सेवा एजेंसी का कूपन खरीद कर उसने अपनी मां को दिया। तब से किम दो पुरुषों के साथ डेटिंग कर रही हैं।
किम ने कहा- “पहला पुरुष थोड़ा छोटे आकार का है। दूसरे में धोखा देने की प्रवृत्ति है। वे दोनों ही मेरे टाइप के नहीं हैं। फिर भी उनसे मिलना मजेदार रहता है। डेटिंग के बारे में सोच कर मेरा दिल धड़कने लगता है। तब आप अपने अकेलेपन को भूल जाते हैं और खुश होकर मिलने की तारीख का इंतजार करने लगते हैं।”
बुजुर्ग अकेले रहने को मजबूर
डेटिंग एप कपल.नेट को चलाने वाली कंपनी सूनू के अध्यक्ष ली वूंग-जिन ने कहा- ‘सिओल और बूसान जैसे बड़े शहरों बड़ी संख्या में लोग हमसे संपर्क करते हैं। यहां तक अमेरिका से भी लोग संपर्क कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि परिवार छोटे हो गए हैं, जिससे बुजुर्ग लोग अकेले रहने को मजबूर होते हैं। हमसे एक 93 साल के कस्टमर ने संपर्क किया, जो डेटिंग करना चाहता था।’
दक्षिण कोरिया में जन्म दर तेजी से गिरी है। वहां पिछले साल प्रति महिला जन्म दर गिर कर सिर्फ 0.84 रह गई। दूसरी तरफ 65 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 85 लाख से ऊपर हो गई है। अनुमान है कि 2040 तक ये संख्या एक करोड़ 70 लाख से ऊपर हो जाएगी। इस ट्रेंड को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि बुजुर्गों के अकेलेपन की समस्या अभी और गहरी होगी।