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वियना: ईरान से परमाणु वार्ता एक बार फिर रह सकती है बेनतीजा, ईरानी वार्ताकार अली बघेरी कानी तेहरान लौटे
Wed, 09 Mar 2022 01:31 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, वियना।
एजेंसी, वियना।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 09 Mar 2022 01:31 AM IST
सार
वियना में 11 माह से जारी ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहीं यूरोपीय संघ (ईयू) की एनरिक मोरा ने कहा कि अब वक्त ईरान-अमेरिका को फैसला लेने का है। वहीं व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान से परमाणु समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ बिंदुओं पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है।
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ईरान के प्रमुख वार्ताकार अली बघेरी कानी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वियना में 11 माह से जारी ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रह सकती है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहीं यूरोपीय संघ (ईयू) की एनरिक मोरा ने ट्वीट किया, अब वक्त ईरान-अमेरिका को फैसला लेने का है। यह न तो कोई विशेषज्ञ चर्चा है और न ही औपचारिक बैठक। अब ईरान-अमेरिका को इस बारे में फैसला लेने का समय है।
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मोरा ने कहा, 2015 में हुई ईरान परमाणु संधि को लेकर अब सिर्फ कुछ दिनों में वियना वार्ता खत्म करने पर फैसला लेने की जरूरत है। ईयू राजनयिक का यह ट्वीट इस वार्ता से ईरान के प्रमुख वार्ताकार अली बघेरी कानी के चले जाने के बाद किया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि विशेषज्ञ एक बार फिर इस वार्ता के लिए बैठेंगे। दूसरी तरफ व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान से परमाणु समझौते के काफी करीब हैं, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ बिंदुओं पर अब भी सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि उन्होंने असहमति के बिंदुओं का खुलासा नहीं किया।
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बता दें कि यदि यह वार्ता टूटती है तो मध्य एशिया में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ जाएगा और ईरान पर दोबारा सख्त प्रतिबंध लगेंगे। इसका असर सीधे तौर पर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा।
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ईरान ने दूसरा उपग्रह 'नूर 2' किया प्रक्षेपित
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ ने कहा है कि देश के अर्ध सैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने अंतरिक्ष में दूसरे उपग्रह को प्रक्षेपित किया है। सेना ने ‘नूर 2’ को पृथ्वी की निचली कक्षा में प्रक्षेपित किया है। नूर का मतलब फारसी में ‘रोशनी’ है। ईरानी सेना ने अपना पहला ‘नूर’ उपग्रह 2020 में प्रक्षेपित किया था। इस प्रक्षेपण से ही दुनिया को उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम की जानकारी मिली थी। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब महीनों से वियना में जारी वार्ता के बीच ईरान के शीर्ष राजनयिक ने परामर्श के लिए अचानक स्वदेश के लिए उड़ान भरी, जो तेहरान पर बढ़ते दबाव का संकेत है। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब कुछ दिनों पहले ही उपग्रह तस्वीरों से ऐसे संकेत मिले थे कि ईरान के असैनिक कार्यक्रम को एक और नाकाम प्रक्षेपण का सामना करना पड़ा है।
यूएनएससी प्रस्ताव की अवहेलना : अमेरिका
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान के उपग्रह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्ताव की अवहेलना की है और तेहरान से परमाणु हथियार पहुंचाने में सक्षम बैलेस्टिक मिसाइलों से संबंधित कोई गतिविधि नहीं करने का आह्वान किया है। मंगलवार को प्रकाशित अमेरिकी खुफिया समुदाय के 2022 खतरे के आकलन ने दावा किया कि इस तरह के उपग्रह प्रक्षेपण वाहन ईरान के लिए एक अंतरमहाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल तैयार करने की ‘समय सीमा’ को छोटा करता है क्योंकि यह (मिसाइल) इसी तरह की तकनीकों का उपयोग करती है।