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अब चीनी सीमा से नेपाल के रास्ते भारत आना नहीं होगा आसान
Thu, 23 Jan 2020 10:23 PM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 23 Jan 2020 10:23 PM IST
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भारत चीन बॉर्डर
चीन और नेपाल ने सीमा पार घुसपैठ पर रोक लगाने और आपराधिक तत्वों की गैरकानूनी आवाजाही रोकने के लिए अहम समझौते किए हैं। इसके तहत अब दोनों ही देश अपनी अपनी तरफ गैरकानूनी तरीके से आए नागरिकों को सात दिनों के भीतर एक दूसरे के हवाले कर देंगे।
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सीमा प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के बीच यह करार पिछले साल अक्टूबर में तब हुआ था जब चीनी राष्ट्रपति शी जिंनपिंग नेपाल दौरे पर आए थे। नेपाल विदेश विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इसे अगले महीने तक अमली जामा पहनाया जाएगा।
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सीमा पर तैनात दोनों देशों के अधिकारी गैरकानूनी तरीके से आने वाले नागरिकों की पहचान करेंगे, और पूरी जांच पड़ताल के बाद सात दिनों के भीतर उन्हें वापस उनके देश को सौंप दिया जाएगा।
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जानकारों के मुताबिक दोनों देशों ने सीमा पर घुसपैठियों की पहचान करने के साथ साथ उन्हें वापस उनके इलाके में पहुंचाने का ये फैसला तिब्बती शरणार्थियों को रोकने के लिए किया है। तिब्बती शरणार्थी नेपाल को भारत में आने का सुरक्षित रास्ता मानते आए हैं। चीन और नेपाल की सीमा पर ऐसी व्यवस्था होने के बाद अब तिब्बतियों को लिए यह रास्ता अपनाना थोड़ा मुश्किल होगा।