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अब वियतनाम को उकसा रहा चीन, विवादित इलाके में भेजा जंगी जहाज
Thu, 09 Jul 2020 02:58 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 09 Jul 2020 02:58 AM IST
सार
- एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार की ऐसी हिमाकत
- दक्षिण चीन सागर में वंगार्ड तट पर देखा गया पोत
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
पूर्वी लद्दाख में भारत के साथ तनातनी के बाद अब चीन वियतनाम को उकसा रहा है। हाल ही में चीनी तटरक्षक जहाज को दक्षिण चीन सागर में वंगार्ड तट पर देखा गया है, जिसे लेकर वियतनाम का चीन से विवाद चल रहा है।
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पोत ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को चीनी तटरक्षक जहाज 5402 को दक्षिण चीन सागर में वियतनाम के तेल क्षेत्र के 30 नॉटिकल माइल के दायरे में देखा गया था। रेडियो फ्री एशिया के मुताबिक, यह ब्लॉक नंबर 06.01 के करीब गश्त करता पाया गया है, जो वियतनाम ने रशियन तेल कंपनी रोसनेफ्ट को दिया हुआ है।
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बीते एक सप्ताह के भीतर वियतनाम के इलाके में चीनी जहाज देखे जाने की यह दूसरी घटना है। चीन के इस कदम से दक्षिणी चीन सागर में दो एशियाई देशों के बीच गतिरोध बढ़ सकता है। चीनी तटरक्षक जहाज एक जुलाई को हनान प्रांत के सान्या बंदरगाह से निकला था।
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यह दो जुलाई को स्प्राटली द्वीप में चीन के सबसे बड़े कृत्रिम द्वीप सूबी रीफ पर रुका। चार जुलाई को चीनी जहाज वियतनाम के उत्तर में वंगार्ड तट पर पहुंचा था और तब से वहां लगातार गश्त कर रहा है। हालांकि वियतनाम सरकार से फिलहाल जहाज की मौजूदगी पर कोई बयान नहीं आया है।
पारासेल द्वीप के निकट किया था युद्धाभ्यास
पिछले सप्ताह चीन ने पारासेल द्वीप के निकट नौसेना का युद्धाभ्यास किया था, जो वियतनाम और चीन के बीच एक और विवादित इलाका है। इस पर वियतनाम ने कड़ा विरोध जताया था। दरअसल, चीन दक्षिण चीन सागर में आक्रामक रुख अपनाता रहा है। इसके पीछे उसका मकसद है कि इलाके में कारोबारी गतिविधियां केवल चीनी साझेदारों के साथ की जानी चाहिए, न कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ।