{"_id":"68da5750de6823f9ec0628ed","slug":"not-british-but-indian-soldiers-liberated-us-from-ottomans-mayor-of-israel-s-haifa-city-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Israel: हाइफा को ओटोमन शासन से ब्रिटिश नहीं, भारतीय सैनिकों ने कराया था मुक्त, स्कूल में पढ़ाया जाएगा पाठ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Israel: हाइफा को ओटोमन शासन से ब्रिटिश नहीं, भारतीय सैनिकों ने कराया था मुक्त, स्कूल में पढ़ाया जाएगा पाठ
Mon, 29 Sep 2025 03:24 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हाइफा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हाइफा।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 29 Sep 2025 03:24 PM IST
सार
Israel: इस्राइल के हाइफा शहर के मेयर ने कहा कि इस शहर को ब्रिटिश ने नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों ने ओटोमन शासन से मुक्त कराया था, जिसे अब स्कूल की किताबों में भी शामिल किया जा रहा है। प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट ने बहादुरी से लड़ते हुए हाइफ की मुक्ति में हम भूमिका निभाई थी। हर साल भारत और इस्राइल में इन सैनिकों के सम्मान में समारोह आयोजित करते हैं।
विज्ञापन
हाइफा का भारतीय जांबाजों से कनेक्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस्राइल के हाइफा शहर में सोमवार को बलिदानी भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर हाइफा के मेयर ने कहा कि शहर के स्कूलों की इतिहास की किताबों में बदलाव किया जा रहा है, ताकि सही जानकारी दी जा सके कि इस शहर को ओटमन शासन से ब्रिटिश ने नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों ने मुक्त कराया था।
हाइफा के मेयर योना याहाव ने कहा, मैं इस शहर में पैदा हुआ और यहीं से स्नातक किया हुआ हूं। हमें हमेशा बताया जाता था कि यह शहर ब्रिटिश ने मुक्त कराया था। लेकिन एक दिन शहर के इतिहास के किसी जानकार ने मेरे दरवाजे पर दस्तक दी और बताया कि उन्होंने गहन शोध किया है और पाया है कि इस शहर को मुक्त कराने वाले ब्रिटिश नहीं, बल्कि भारतीय थे।
ये भी पढ़ें: ईरान ने जासूसी के आरोप में व्यक्ति को दी फांसी; इस्राइल से संघर्ष के बाद सजा-ए-मौत के मामलों में आई तेजी
विज्ञापन
उन्होंने उन लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही, जो भारतीय सैनिकों की बहादुरी को याद करने के लिए बलिदानी सैनिकों के कब्रिस्तान में एक समारोह में जमा हुए थे। याहाव ने कहा, हम हर स्कूल में किताबों के पाठ बदल रहे हैं और बता रहे हैं कि इस शहर को ब्रिटिश ने नहीं, बल्कि भारतीयों ने मुक्त कराया था।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट ने तलवार और भाले लेकर माउंट कार्मेल की चट्टानी ढलानों से ओटोमन सेना को खदेड़ा था और इस शहर को मुक्त कराया था। युद्ध के इतिहासकार इस इतिहास के आखिरी बड़ा घुड़सवार अभियान मानते हैं।
ये भी पढ़ें: मोल्दोवा के संसदीय चुनाव में यूरोपीय संघ समर्थक पार्टी को मिला स्पष्ट बहुमत, रूस के करीबी दलों को झटका
मेयर याहाव ने 2009 में भी इसी जगह एक समारोह में कहा था कि शहर के इतिहास की किताबों में भारतीय सैनिकों द्वारा इसे मुक्त कराने की कहानी शामिल होगी और आज यह युवाओं के पास स्थापित तथ्य है। भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस मनाती है, ताकि तीन बहादुर भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट (मैसूर, हैदराबाद और जोधपुर लांसर्स) को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने 1918 में 15वें इंपीरियल सर्विस कैवली ब्रिगेड के घुड़सवार अभियान के बाद हाइफा को मुक्त कराया था। यहां भारतीय मिशन और हाइफा नगर निगम मिलकर हर साल भारत के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
विज्ञापन
हाइफा के मेयर योना याहाव ने कहा, मैं इस शहर में पैदा हुआ और यहीं से स्नातक किया हुआ हूं। हमें हमेशा बताया जाता था कि यह शहर ब्रिटिश ने मुक्त कराया था। लेकिन एक दिन शहर के इतिहास के किसी जानकार ने मेरे दरवाजे पर दस्तक दी और बताया कि उन्होंने गहन शोध किया है और पाया है कि इस शहर को मुक्त कराने वाले ब्रिटिश नहीं, बल्कि भारतीय थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: ईरान ने जासूसी के आरोप में व्यक्ति को दी फांसी; इस्राइल से संघर्ष के बाद सजा-ए-मौत के मामलों में आई तेजी
विज्ञापन
उन्होंने उन लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही, जो भारतीय सैनिकों की बहादुरी को याद करने के लिए बलिदानी सैनिकों के कब्रिस्तान में एक समारोह में जमा हुए थे। याहाव ने कहा, हम हर स्कूल में किताबों के पाठ बदल रहे हैं और बता रहे हैं कि इस शहर को ब्रिटिश ने नहीं, बल्कि भारतीयों ने मुक्त कराया था।
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट ने तलवार और भाले लेकर माउंट कार्मेल की चट्टानी ढलानों से ओटोमन सेना को खदेड़ा था और इस शहर को मुक्त कराया था। युद्ध के इतिहासकार इस इतिहास के आखिरी बड़ा घुड़सवार अभियान मानते हैं।
ये भी पढ़ें: मोल्दोवा के संसदीय चुनाव में यूरोपीय संघ समर्थक पार्टी को मिला स्पष्ट बहुमत, रूस के करीबी दलों को झटका
मेयर याहाव ने 2009 में भी इसी जगह एक समारोह में कहा था कि शहर के इतिहास की किताबों में भारतीय सैनिकों द्वारा इसे मुक्त कराने की कहानी शामिल होगी और आज यह युवाओं के पास स्थापित तथ्य है। भारतीय सेना हर साल 23 सितंबर को हाइफा दिवस मनाती है, ताकि तीन बहादुर भारतीय घुड़सवार रेजिमेंट (मैसूर, हैदराबाद और जोधपुर लांसर्स) को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने 1918 में 15वें इंपीरियल सर्विस कैवली ब्रिगेड के घुड़सवार अभियान के बाद हाइफा को मुक्त कराया था। यहां भारतीय मिशन और हाइफा नगर निगम मिलकर हर साल भारत के बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन