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अमेरिकी नागरिक को स्वदेश भेजेगा उत्तर कोरिया, इसलिए लिया था हिरासत में
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 17 Nov 2018 08:37 AM IST
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किम जोंग उन
- फोटो : PTI
उत्तर कोरिया ने फैसला लिया है कि वह हिरासत में लिए गए एक अमेरिकी नागरिक को रिहा कर स्वदेश भेजेगा। अमेरिकी नागरिक को अवैध प्रवेश करने के चलते हिरासत में लिया गया था। उत्तर कोरिया के इस कदम से ऐसा लग रहा है कि वह अमेरिका से संबंध बनाए रखना चाहता है। जबकि उसकी हाल ही की गतिविधियों से लग रहा है कि वह अमेरिकी चेतावनी की परवाह नहीं करता। दरअसल कुछ ही दिन पहले उत्तर कोरिया ने एक हाईटेक हथियार का परीक्षण किया है।
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बता दें इससे पहले उत्तर कोरिया अमेरिकी नागरिकों की रिहाई के लिए कुछ नहीं करता था। उलटा वह उनकी हिरासत अवधि को ही बढा़ता रहा है। उत्तर कोरिया के रवैए में बदलाव ट्रंप से मुलाकात और अमेरिकी अधिकारियों की प्योंगयांग यात्रा के बाद आए हैं। बीते साल भी उत्तर कोरिया ने अमेरिकी छात्र ओट्टो वार्मबिर को 17 महीने हिरासत में रखने के बाद रिहा किया है। लेकिन उसकी हालत काफी खराब थी। वह कोमा में था। रिहाई होने के महज कुछ दिनों बाद ही उसकी मौत हो गई।
केसीएनए (कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी) ने शुक्रवार को बताया है कि वह अमेरिकी नागरिक ब्रूस बिरोन लॉरेंस को रिहा कर देंगे। उसे 16 अक्तूबर को हिरासत में लिया गया था। क्योंकि उसने चीन के रास्ते से उत्तर कोरिया में प्रवेश किया था। हिरासत में लेने के बाद जब ब्रूस से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह उत्तर कोरिया में इसलिए घुसा क्योंकि उसे अमेरिका की खुफिया एजेंसी ने ऐसा करने का आदेश दिया था। फिलहाल यह नहीं बताया गया है कि ब्रूस को कब रिहा किया जाएगा।
इसके अलावा 12 जून को ट्रंप से मुलाकात से पहले भी तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किया गया था। साथ ही कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवेशष भी उत्तर कोरिया ने अमेरिकी को सौंपे हैं। उत्तर कोरिया के रवैए से लग रहा है कि वह अमेरिकी संबंधों को बनाए रखना जरूरी समझता है। लेकिन इसके साथ ही वह अपने मिसाइल परीक्षण को भी नहीं छोड़ना चाहता।