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परीक्षणों से खलबली: उत्तर कोरिया की नई मिसाइलों ने बढ़ा दी हैं पड़ोसी देशों की चिंताएं

Wed, 19 Jan 2022 08:41 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिओल Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 19 Jan 2022 08:41 PM IST
सार

जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को दागी गई मिसाइलें लगभग 300 किलोमीटर तक गईं। ये दूरी उन्होंने अधिकतम 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचते हुए पूरी की। उत्तर कोरिया ने एक असैनिक स्थल से इन मिसाइलों को छोड़ा...

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North Korea recent missile tests have raised concerns in neighboring countries
उत्तर कोरिया की मिसाइल टेस्टिंग - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

उत्तर कोरिया के हाल के मिसाइल परीक्षणों ने पास-पड़ोस के देशों में चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को उत्तर कोरिया ने दो और मिसाइलों के परीक्षण किए। इस वर्ष उसने पहला मिसाइल परीक्षण पांच जनवरी को किया था। उसके बाद से 17 जनवरी चौथा दिन था, जब उसकी तरफ से परीक्षण के लिए मिसाइलें दागी गईं।

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जापान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सोमवार को दागी गई मिसाइलें लगभग 300 किलोमीटर तक गईं। ये दूरी उन्होंने अधिकतम 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचते हुए पूरी की। उत्तर कोरिया ने एक असैनिक स्थल से इन मिसाइलों को छोड़ा। जानकारों का कहना है कि उत्तर कोरिया पहले भी मिसाइलों का परीक्षण करता रहा है, लेकिन इस बार जिस तरह उसने 12 दिन के भीतर चार बार ऐसे परीक्षण किए, वह असामान्य है।

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लगातार तोड़ रहा प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अपने प्रस्तावों के जरिए उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल रखने या उनका परीक्षण करने पर रोक लगा रखी है। लेकिन उत्तर कोरिया ने लगातार इन प्रतिबंधों का उल्लंघन किया है। उत्तर कोरिया ने अब दावा किया है कि वह हाइपरसोनिक मिसाइलें बनाने में सक्षम हो गया है। स्वतंत्र विशेषज्ञों ने भी राय जताई है कि उत्तर कोरिया के पास अब ऐसी उच्च श्रेणी की मिसाइलें हैं, जो दूसरे देशों की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देने में सक्षम हैं।

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सोमवार को जो परीक्षण हुए, उनमें मिसाइलों को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से सिर्फ 24 किलोमीटर दूर स्थल से दागा गया। प्योंगयांग की आबादी 28 लाख है। जानकारों के मुताबिक आबादी के इतने करीब स्थल से मिसाइलों का परीक्षण करना बेहद असामान्य घटना है। हालांकि 2017 में भी उत्तर कोरिया ने संभवतया उसी स्थल से इंटरमीडियट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल ह्वासोंग 12 का परीक्षण किया था।

पहले विदेशी विशेषज्ञों की राय रही थी कि उत्तर कोरिया की मिसाइलों के निर्माण और नियंत्रण प्रणाली में कई कमजोरियां हैं। ऐसे में आबादी के करीब स्थल से उन्हें छोड़ना खतरनाक है। लेकिन सिओल स्थित ट्रॉय यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ डैन पैन्किस्टन ने वेबसाइट एशिया टाइम्स से कहा- ‘उत्तर कोरिया का ऐसा करना उसके संकल्प और जोखिम उठाने की इच्छा- दोनों को जाहिर करता है। अगर आप अपनी राजधानी के पास से मिसाइल दाग रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपको परीक्षण सफल रहने का पूरा भरोसा है।’

चलती ट्रेन से दागी थी मिसाइल

पिछले वर्ष हुए परीक्षणों के दौरान उत्तर कोरिया ने चलती ट्रेन पर भी मिसाइल दागी थी। जानकारों का कहना है कि ट्रेनों से मिसाइल दागने में फायदा यह रहता है कि निशाना देश के लिए उसका पूर्वानुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। चलती ट्रेन को आम तौर पर सैनिक मकसद से दूर समझा जाता है।



दक्षिण कोरिया के रिटायर्ड सैनिक जनरल चुन इन-बुम ने एशिया टाइम्स से कहा- ‘ट्रेन से छोड़ी जाने वाली मिसाइलों के लिए किसी टावर की जरूरत नहीं पड़ती। उन्हें बस इरेक्टर लॉन्चर से छोड़ा जा सकता है। उत्तर कोरिया को अब यह आत्म विश्वास हो गया है कि वह उसकी मिसाइल प्रक्रियाएं दोषमुक्त हैं, इसलिए वह उन्हें कहीं से और कभी भी छोड़ सकता है। ये मिसाइलें अब बनने के दौर में नहीं हैं, बल्कि बन कर तैयार हो चुकी हैं।’

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