फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   No symptoms possible in people who have been vaccinated

अलर्ट : टीका लगवा चुके लोगों में हल्के लक्षण या कोई भी लक्षण संभव नहीं

Sat, 24 Jul 2021 05:25 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 24 Jul 2021 05:25 AM IST
सार

  • जिन्हें टीका नहीं लगा है उनके लिए टीका लगवा चुके लोग खतरा
  •  टीके से बनी एंटीबॉडीज की मात्रा के आधार पर तय होती है सुरक्षा

विज्ञापन
No symptoms possible in people who have been vaccinated
कोरोना का टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना से बचाव के लिए टीका सुरक्षा कवच है। हालांकि दुनियाभर में टीका लगवा चुके लोगों में भी संक्रमण (ब्रेकथ्रू) के मामले सामने आ रहे हैं। अमेरिका में टीका लगवा चुके लोगों में वायरस का डेल्टा वैरिएंट अधिक मिल रहा है।

विज्ञापन


न्यूयॉर्क के बेल्यूव हॉस्पिटल सेंटर के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. सेलिन गाउंडर स्पष्ट कहते हैं कि अगर आपको टीका लगा है तो आप सुरक्षित हैं। आप पर वायरस अधिक प्रभाव नहीं दिखा पाएगा लेकिन आप उन लोगों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगवाया है। टीका लगवा चुके लोग वायरस के कैरियर बन सकते हैं। ऐसे लोग दूसरों को संक्रमित करने का प्रमुख कारण हो सकते हैं।
विज्ञापन


वायरस की कम डोज से असर नहीं
बॉस्टन के बृघम एंड वीमन हॉस्पिटल के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. स्कॉट ड्राइडेन पीटर्सन बताते हैं कि टीका लगवा चुके अगर कोई व्यक्ति वायरस के कम डोज की चपेट में आता है तो संभव है कि उसे संक्रमण हो ही नहीं या उसे इसका आभास ही न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन




डेल्टा वैरिएंट के हाई डोज की चपेट में आने पर हो सकता है कि इम्युनिटी भी जवाब दे जाए। स्थिति तब और गंभीर होगी जब वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की दर बढ़ेगी जिस कारण अधिक से अधिक लोग वायरस की चपेट में आएंगे।


सभी को बरतनी होगी सावधानी
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन के प्रमुख डॉ. एरिक जे. रूबिन का कहना है कि अब सिर्फ जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है उन्हें अकेले सावधानी नहीं बरतनी है। हर किसी को अपने स्तर पर सावधानी बरतनी होगी जिससे वायरस को अपनी संख्या बढ़ाने का मौका न मिले। अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं तो सबकुछ पहले की तरह होगा जो हमने देखा और सुना है। बचाव की कोशिश से ही जान बच सकती है।

बूस्टर डोज पर विचार का वक्त
न्यूयॉर्क स्थित रॉकफेलर यूनिवर्सिटी के इम्युनोलॉजिस्ट प्रो. माइकल सी नुसेन्जविग का कहना है कि टीका लगवाने के बाद कितनी एंटीबॉडीज बनी हैं इस आधार पर वायरस के किसी वैरिएंट से बचाव का सुरक्षा कवच तैयार होता है। टीका लगवा चुके लोगों में संक्रमण तो हो रहा है लेकिन उनमें गंभीर तकलीफ नहीं दिख रही है। इससे ये तो साबित है कि मौजूदा टीके बचाव में सक्षम हैं और बूस्टर डोज पर विचार का वक्त है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed