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West Bank: शरणार्थी शिविर में जा रहे विदेशी प्रतिनिधिमंडल पर IDF ने की गोलीबारी, भारतीय राजनयिक नहीं थे शामिल

Wed, 21 May 2025 11:15 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरूशलम। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 21 May 2025 11:15 PM IST
सार

West Bank: वेस्ट बैंक के जेनिन शरणार्थी शिविर के दौरे के दौरान एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल प्रतिनिधिमंडल इस्राइली सेना की गोलीबारी की चपेट में आ गया। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में कोई भी भारतीय राजनयिक शामिल नहीं था। फलस्तीनी प्राधिकरण ने इसे गैरकानूनी और जानबूझकर किया गया कृत्य बताया। वहीं, इस्राइली सेना ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल तय रास्ते पर नहीं जा रहा था। 

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No Indian diplomat in delegation that came under Israeli fire in Jenin: Official
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

वेस्ट बैंक के जेनिन शरणार्थी शिविर के दौरे के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल इस्राइली सेना की गोलीबारी की चपेट में आ गया। हालांकि, इस प्रतिनिधिमंडल में कोई भी भारतीय राजनयिक शामिल नहीं था। एक भारतीय अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

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अधिकारी ने पीटीआई को बताया उस प्रतिनिधिमंडल में कोई भी भारतीय राजनयिक नहीं था। भारतीय मिशन के सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। अधिकारी ने पीटीआई को बताया उस प्रतिनिधिमंडल में कोई भी भारतीय राजनयिक नहीं था। भारतीय मिशन के सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा सहित 20 से अधिक देशों के राजनयिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जेनिन शरणार्थी शिविर में मानवीय स्थिति का जायजा लेने के लिए आधिकारिक दौरे पर था। फलस्तीनी प्राधिकरण (पीए) के विदेश मंत्रालय ने इस गोलीबारी को जानबूझकर की गई घटना और गैरकानूनी कृत्य बताया। 
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अपुष्ट वीडियो में दिख रहा है कि जब राजनयिकों का दल एक बंद रास्ते से पीछे हट रहा था, तब इस्राइली सैनिकों ने उनकी ओर गोलीबारी की। वीडियो में प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक व्यक्ति घबराहट में बाकी लोगों से कहता है- दीवार के पास रहो, दीवार के पास रहो। 


फलस्तीनी प्राधिकरण के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, मंत्रालय इस आपराधिक हमले के लिए इस्राइली कब्जाधारी सरकार को पूरी तरह और सीधे तौर पर जिम्मेदार मानता है और यह स्पष्ट करता है कि ऐसे कृत्य जवाबदेही के बिना नहीं छोड़े जाएंगे। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा किया कि शिविर का यह दौरा पहले से तय था। आईडीएफ ने प्रारंभिक जांच शुरू की, लेकिन यह भी कहा कि प्रतिनिधिमंडल तय रास्ते से नहीं गया और ऐसे इलाके में चला गया जहां उन्हें जाने की अनुमति नहीं थी। 

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इस्राइली सेना ने कहा, इलाके में तैनात आईडीएफ के सैनिकों ने उन्हें दूर रखने के लिए चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। आईडीएफ ने यह भी कहा कि वह प्रारंभिक जांच के बाद प्रतिनिधिमंडल से संपर्क करेगा और जो असुविधा हुई, उस पर खेद व्यक्त करता है।

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