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PoJK में 24 घंटे बेहद अहम: प्रदर्शनकारियों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, कहा- सैन्य बल नहीं हटे तो होगा आर-पार
Wed, 24 Jun 2026 03:51 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 24 Jun 2026 03:51 PM IST
सार
PoJK JAAC Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारी संगठन जेएएसी ने अतिरिक्त सुरक्षा बल हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। खुफिया सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चला रहा है। वहीं, प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ने से आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...
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पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हालात नाजुक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पाकिस्तान कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर यानी (पीओजेके) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तान के प्रशासनिक तंत्र के बीच टकराव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। खुफिया सूत्रों का कहना है कि पीओजेके में विरोध प्रदर्शनों को लेकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दोनों पक्ष पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाने के आरोप भी लग रहे हैं।
पीओजेके में लंबे समय से आर्थिक बदहाली, महंगाई, बिजली संकट और कथित भेदभाव के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। अब प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। दूसरी ओर, पाकिस्तान का दावा है कि प्रदर्शन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है। इसी बीच संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने पाकिस्तान रेंजर्स को क्षेत्र से हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
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पीओजेके में लंबे समय से आर्थिक बदहाली, महंगाई, बिजली संकट और कथित भेदभाव के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं। अब प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी आवाज दबाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। दूसरी ओर, पाकिस्तान का दावा है कि प्रदर्शन के पीछे बाहरी ताकतों का हाथ है। इसी बीच संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने पाकिस्तान रेंजर्स को क्षेत्र से हटाने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
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क्या प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी बताने की कोशिश हो रही है?
खुफिया सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान का प्रशासन अब इन विरोध प्रदर्शनों को सामान्य जन आंदोलन के बजाय सुरक्षा चुनौती के रूप में देख रहा है। आरोप है कि कई प्रदर्शनकारियों और कार्यकर्ताओं को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत सूचीबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 150 कार्यकर्ताओं को एंटी-टेरर फोर्थ शेड्यूल में शामिल किया गया है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि इससे आम नागरिकों को डराने और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
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