फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   News of Saudi investment in Twitter raised concerns in usa demand for parliamentary inquiry raised

Twitter: ट्विटर में सऊदी निवेश की खबर से अमेरिका में बढ़ी चिंता, उठी संसदीय जांच की मांग

Wed, 02 Nov 2022 04:08 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 02 Nov 2022 04:08 PM IST
सार

एलन मस्क ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर उठ रही चिंताओं के कारण ही उन्होंने ट्विटर को खरीदा है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया साइटों को हर देश में वहां के कानून का पालन करना चाहिए। इन देशों में सऊदी अरब भी है।

विज्ञापन
News of Saudi investment in Twitter raised concerns in usa demand for parliamentary inquiry raised
Twitter Down - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ट्विटर में सऊदी अरब के बड़े निवेश की बात सामने आने के बाद अमेरिकी अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के एक सीनेटर तो इस निवेश को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ बताते हुए इस मामले की संसदीय जांच कराने की मांग कर दी है। हाल में माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को दुनिया के सबसे धनी उद्योगपति एलन मस्क ने खरीदा है। उन्होंने ये खरीदारी 44 बिलियन डॉलर में की। इसी सिलसिले में यह सामने आया है कि सऊदी अरब का भी ट्विटर में निवेश है।

विज्ञापन

 
सामने आई जानकारी के मुताबिक ट्विटर में निवेश सऊदी अरब की एक कंपनी का है। इस कंपनी का मालिकाना सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड के हाथ में है। बताया जाता है कि सऊदी अरब ने इस कंपनी के जरिए ऐसी विभिन्न सोशल मीडिया साइटों में निवेश किया है, जिन्हें राजनीतिक चर्चा का मंच माना जाता है। सऊदी अरब सरकार पर आरोप है कि वह अपने यहां अभिव्यक्ति की आजादी का सख्ती से दमन करती है। 
विज्ञापन


एलन मस्क ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर उठ रही चिंताओं के कारण ही उन्होंने ट्विटर को खरीदा है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया साइटों को हर देश में वहां के कानून का पालन करना चाहिए। इन देशों में सऊदी अरब भी है, जबकि आरोप है कि वहां अभिव्यक्ति की लगभग ना के बराबर आजादी है। ट्विटर यूजर्स की संख्या से लिहाज से सऊदी अरब दुनिया में आठवें नंबर पर आता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ट्विटर में निवेश रखने वाली कंपनी का नाम किंगडम होल्डिंग कंपनी है, जिसके संस्थापक और अध्यक्ष सऊदी युवराज अलवालीद बिन तलाल हैं। ट्विटर में इस कंपनी के निवेश का कुल मूल्य 1.89 बिलियन डॉलर आंका गया है। सऊदी अरब के सॉवरेन वेल्थ फंड का किंगडम होल्डिंग कंपनी में 16.9 प्रतिशत हिस्सा हैं। सॉवरेन फंड के अध्यक्ष अभी युवराज मोहम्मद बिन सलमान हैं। आम समझ है कि सऊदी अरब की असली सत्ता प्रिंस सलमान के हाथ में ही है। 

डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस मर्फी ने सोमवार को कहा कि मैं कांग्रेस की विदेश निवेश समिति से अनुरोध कर रहा हूं कि ट्विटर की खरीद में सऊदी अरब की भूमिका की वह जांच करे।’ अमेरिका में विदेशी निवेश संबंधी तमाम मामलों की जांच यही समिति करती है। मर्फी ने कहा- ‘हमें सऊदी अरब को लेकर चिंतित होना चाहिए। सऊदी नेताओं की दिलचस्पी राजनीतिक अभिव्यक्ति का दमन करने और अमेरिकी नीतियों को प्रभावित करने में है। अब वे एक बड़े सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म में दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बन गए हैं।

इस साल के आरंभ में ट्विटर के एक पूर्व कर्मचारी को सऊदी अरब के लिए जासूसी करने के आरोप में अमेरिका में सजा सुनाई गई थी। वह कर्मचारी सऊदी अरब की सरकार से असंतुष्ट लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठी करते और उन सूचनाओं को सऊदी अरब सरकार को भेजते पाया गया। साद इब्राहिम अलमादी नाम के उस पूर्व कर्मचारी को 16 साल की कैद सुनाई गई है।


उधर, ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इसी वर्ष सऊदी अरब में सलमा अल-शेहाब नाम की एक व्यक्ति को इस आरोप में 34 वर्ष की कैद सुनाई गई है, जो सरकार विरोधियों के ट्विट को रीट्विट करती थी। इसी पृष्ठभूमि के कारण अब ट्विटर में सऊदी निवेश यहां एक बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed