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न्यूजीलैंड हमला : मृतका के पति ने पेश की मानवता की मिसाल, कहा- मुझे हमलावर से नफरत नहीं

Sun, 17 Mar 2019 07:35 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Gaurav Pandey Updated Sun, 17 Mar 2019 07:35 PM IST
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New Zealand Mosque Attack : husband of dead woman forgave the attacker
मस्जिद पर गोलियां बरसाने वाला हमलावर ब्रेंटन टैरेंट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मस्जिद पर हुए हमले में मारी गई महिला के पति ने कहा कि बंदूकधारी के प्रति हमारे दिल में कोई नफरत नहीं है। उन्होंने कहा कि माफ करना ही सबसे बेहतर रास्ता है। फरीद अहमद (59) ने कहा, 'मैं उससे (हमलावर से) कहूंगा कि एक इंसान के तौर पर मैं उसे प्यार करता हूं।' फरीद ने कहा, 'उसने जो किया मैं उसे सही नहीं ठहरा सकता। उसने जो किया गलत किया। 'फरीद से यह पूछने पर कि क्या वह 28 वर्षीय हमलावर को माफ करेंगे उन्होंने कहा , 'बिल्कुल। माफ करना, सहृदयता, प्यार और सकारात्मकता ही सबसे बेहतर रास्ता है।'

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फरीद की पत्नी हुस्ना अहमद (44) अल नूर मस्जिद पर हुए हमले में हमलावर की गोलियों की शिकार हो गई थीं। शुक्रवार को नमाज पढ़ने गए 50 लोगों की हमले में मौत हो गई थी। इनमें कम से कम चार महिलाएं थीं। जब गोलीबारी शुरू हुई, हुस्ना ने महिलाओं और बच्चों को हॉल से कई लोगों की भागने में मदद की। फरीद ने बताया, ''वह चीख रही थी 'जल्दी करो, इधर आओ' और उसने कई महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले गईं।''
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फरीद ने बताया, 'इसके बाद वह मुझे बचाने के लिए आई, मैं व्हील चेयर पर था, जब वह मेरे पास आ रही थी तभी दरवाजे पर उसे गोली लग गई। वह अपनी खुद को भूलकर लोगों की जान बचाने में लगी हुई थीं।'
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अहमद को 1998 में एक ट्रक ड्राइवर ने टक्कर मार दी थी। ड्राइवर नशे में था। तब से वह व्हील चेयर के सहारे हैं। अहमद पहले कसाई का काम करते थे, अब वह होम्योपैथिक वस्तुएं बेचने का काम करते हैं। जब अहमद मस्जिद से बाहर निकले उन्होंने अपनी पत्नी को नहीं देखा। हुस्ना की मौत की जानकारी उन्हें तब हुई जब उन्होंने हुस्ना के मृत शरीर की तस्वीरें देखीं। 


रविवार को अहमद ने हुस्ना के पार्थिव शरीर की आधिकारिक पहचान की। अगर उन्हें हमलावर के साथ बैठने का मौका मिले तो वह क्या करेंगे, इस पर अहमद ने कहा वह उसे (हमलावर को) जीवन के बारे में दोबारा सोचने के लिए कहेंगे। अहमद ने कहा, 'मैं चाहता हूं कि वह अपने अंदर सकारात्मकता को देखे, मैं आशा करता हूं और दुआ करता हूं कि एक दिन वह अच्छा नागरिक बने। मुझे उससे किसी तरह की नफरत नहीं है।'  

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