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न्यूजीलैंड मस्जिद हमला: कोर्ट ने संदिग्ध आरोपी को 5 अप्रैल तक हिरासत में भेजा
Sat, 16 Mar 2019 08:58 AM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, वेलिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, वेलिंगटन
Published by: Priyesh Mishra
Updated Sat, 16 Mar 2019 08:58 AM IST
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संदिग्ध हमलावर
- फोटो : Stuff
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क्राइस्टचर्च शहर की दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमलों में गिरफ्तार संदिग्ध को न्यूजीलैंड की अदालत ने 5 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस हमले में 49 लोगों की मौत हो गई थी। जिसमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
इस हमले में 9 भारतीय भी लापता हैं। हमले के समय मस्जिद में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कुछ सदस्य भी मौजूद थे जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हमलावर की पहचान ब्रेंटन टैरैंट के रूप में हुऊ है जो ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुआ है। उसने गुरुवार रात को फेसबुक पर पोस्ट के जरिए इस हमले के बारे में जानकारी दी थी। अपनी मंशा को उसने 37 पेजों के एक मैनिफेस्टो के जरिए जाहिर किया था।
इस मैनिफेस्टो को उसने द ग्रेट रिप्लेसमेंट यानी महान बदलाव का नाम दिया है। इसे मैसेज बोर्ड वेबसाइट पर पोस्ट किया गया था। उसने खुद को एक साधारण श्वेत शख्स बताया है जिसका जन्म एक कम आय वाले परिवार में हुआ है।
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शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पुष्टि की थी कि न्यूजीलैंड की हिरासत में मौजूद वह शख्स ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। मॉरिसन ने कहा कि वह शख्स 'दक्षिणपंथी आतंकवादी' है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन जांच में न्यूज़ीलैंड का सहयोग करेगा। वीडियो में दिख रहे शख्स ने लाइव स्ट्रीम के लिए हेलमेट वाले कैमरे का इस्तेमाल किया है। इस पूरी घटना का वीडियो फेसबुक पर प्रसारित हुआ है जिसमें लोगों को चुन-चुनकर गोली मारी जा रही है।
हमलावर ने कार से जाने और मस्जिद में हमला करने और मस्जिद से बाहर निकलने का पूरा वीडियो लाइव प्रसारित किया है। हमलावर की कार में 1992-95 के बीच हुए बोस्निया युद्ध के दौरान सर्बियाई राष्ट्रवादी अर्धसैनिक बलों की इकाई चेतनिक्स का मार्चिंग एंथम बज रहा है। यह गीत बोस्नियाई सर्ब नेता राडोवन केराडजिच की प्रशंसा कर रहा है। केराडजिच को नरसंहार और युद्ध अपराध का दोषी ठहराया गया था।
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इस हमले में 9 भारतीय भी लापता हैं। हमले के समय मस्जिद में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के कुछ सदस्य भी मौजूद थे जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
हमलावर की पहचान ब्रेंटन टैरैंट के रूप में हुऊ है जो ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुआ है। उसने गुरुवार रात को फेसबुक पर पोस्ट के जरिए इस हमले के बारे में जानकारी दी थी। अपनी मंशा को उसने 37 पेजों के एक मैनिफेस्टो के जरिए जाहिर किया था।
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इस मैनिफेस्टो को उसने द ग्रेट रिप्लेसमेंट यानी महान बदलाव का नाम दिया है। इसे मैसेज बोर्ड वेबसाइट पर पोस्ट किया गया था। उसने खुद को एक साधारण श्वेत शख्स बताया है जिसका जन्म एक कम आय वाले परिवार में हुआ है।
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शुक्रवार को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पुष्टि की थी कि न्यूजीलैंड की हिरासत में मौजूद वह शख्स ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है। मॉरिसन ने कहा कि वह शख्स 'दक्षिणपंथी आतंकवादी' है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन जांच में न्यूज़ीलैंड का सहयोग करेगा। वीडियो में दिख रहे शख्स ने लाइव स्ट्रीम के लिए हेलमेट वाले कैमरे का इस्तेमाल किया है। इस पूरी घटना का वीडियो फेसबुक पर प्रसारित हुआ है जिसमें लोगों को चुन-चुनकर गोली मारी जा रही है।
हमलावर ने कार से जाने और मस्जिद में हमला करने और मस्जिद से बाहर निकलने का पूरा वीडियो लाइव प्रसारित किया है। हमलावर की कार में 1992-95 के बीच हुए बोस्निया युद्ध के दौरान सर्बियाई राष्ट्रवादी अर्धसैनिक बलों की इकाई चेतनिक्स का मार्चिंग एंथम बज रहा है। यह गीत बोस्नियाई सर्ब नेता राडोवन केराडजिच की प्रशंसा कर रहा है। केराडजिच को नरसंहार और युद्ध अपराध का दोषी ठहराया गया था।