Britain: ताजा खुलासे से चुनाव पूर्व ओपिनियन पोल की साख पर उठे नए सवाल
यूगोव के पूर्व पॉलिटिकल रिसर्च मैनेजर क्रिस कर्टिस ने बताया है कि 2017 में इस एजेंसी को जो असल आंकड़े प्राप्त हुए, उससे लेबर पार्टी के पक्ष में माहौल का संकेत मिलता था। इसलिए कंपनी ने इस पर आधारित अपने अनुमान को दबा दिया। 2017 में वामपंथी नेता जेरमी कॉर्बिन लेबर पार्टी के नेता थे...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षण करने वाली एजेंसियों की सैंपलिंग और अनुमान लगाने के तरीकों पर हाल के वर्षों में लगातार सवाल उठे हैं। लेकिन अब ब्रिटेन में हुए एक खुलासे से यह सवाल भी उठा है कि क्या ऐसी एजेंसियां जानबूझ कर चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए गलत अनुमान बताती हैं?
यूगोव (YouGov) दुनिया की एक जानी मानी मार्केटिंग रिसर्च और डाटा एनालिटिक्स कंपनी है। ब्रिटेन स्थित यह कंपनी यूरोप, उत्तर अमेरिका, एशिया-प्रशांत और पश्चिम एशिया में अपनी सेवाएं देती है। चुनाव पूर्व जनमत सर्वेक्षण इस कंपनी के प्रमुख कार्यों में एक है। अब सामने आया है कि 2017 में ब्रिटेन के संसदीय चुनाव के समय यूगोव ने उसे प्राप्त हुए असली आंकड़ों को छिपाया। कंपनी एक पूर्व वरिष्ठ कर्मचारी ने अब ये बात सार्वजनिक की है।
लेबर पार्टी के पक्ष में बनाया माहौल
यूगोव के पूर्व पॉलिटिकल रिसर्च मैनेजर क्रिस कर्टिस ने बताया है कि 2017 में इस एजेंसी को जो असल आंकड़े प्राप्त हुए, उससे लेबर पार्टी के पक्ष में माहौल का संकेत मिलता था। इसलिए कंपनी ने इस पर आधारित अपने अनुमान को दबा दिया। 2017 में वामपंथी नेता जेरमी कॉर्बिन लेबर पार्टी के नेता थे। समझा जाता है कि कॉरपोरेट सेक्टर और ब्रिटेन का अभिजात्य वर्ग कॉर्बिन को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहता था। कर्टिस ने अब कहा है- ‘आंकड़ों पर आधारित अनुमान लगाने से संभावित प्रतिक्रिया को लेकर हर कोई घबरा गया।’ यूगोव के आंकड़ों से किसी भी दल को बहुमत ना मिलने की सूरत दिख रही थी। यह भी संकेत मिल रहा था कि कॉर्बिन के नेतृत्व में लेबर पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। बाद में असली चुनावी नतीजे इसी के अनुरूप आए।
यूगोव ने अपने पूर्व कर्मचारी के आरोप के खंडन किया है। लेकिन पत्रकार टिम शिपमैन की एक किताब में आए विवरण के मुताबिक यूगोव के सह-संसथापक और कंजरवेटिव पार्टी के तत्कालीन सांसद नेधिम जहावी ने तब यूगोव के प्रमुख स्टीफन शेक्सपियर को फोन कर धमकी दी थी कि अगर बाद में चुनाव पूर्वानुमान गलत साबित हुए, तो वे शेक्सपियर से इस्तीफे की मांग करेंगे। जहावी इस समय बोरिस जॉनसन सरकार में शिक्षा मंत्री हैँ।
कर्टिस ने एक ट्विटर थ्रेड के जरिए बताया है कि तब टीवी पर दोनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं की बहस के बाद भी यूगोव ने जनमत सर्वेक्षण किया था। उन्होंने कहा- ‘हमारे सर्वे से साफ नतीजा आया- कॉर्बिन को लोगों के भारी बहुमत ने बहस में विजयी माना। इस बारे हमने रिपोर्ट तैयार कर ली थी। सारणियां (चार्ट) भी बना ली गई थीं। लेकिन चूंकि वह स्टोरी लेबर पार्टी के लिए काफी सकारात्मक थी, इसलिए उसे प्रकाशित करने से हमें रोक दिया गया।’
सर्वे की विधि में किया बदलाव
कर्टिस ने कहा है- ‘बाद में आखिरी सर्वे की विधि में एक ‘छोटा’ बदलाव लाया गया, जिससे कंजरवेटिव पार्टी की बढ़त दिखने लगी। यह बदलाव ऊपर के अधिकारियों की तरफ से डाले गए दबाव के कारण लाया गया।’
जहावी ने कर्टिस के इस खुलासे को एक ‘जोक’ (चुटकुला) बताया है। लेकिन समझा जाता है कि इस घटनाक्रम ने चुनाव पूर्व सर्वे करने वाली एजेंसियों की साख पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।