फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   New Afghan PM: Mullah Hassan Akhund became supreme leader, was involved in a conspiracy to demolish Buddha statues in Bamiyan

नया अफगान पीएम: मुल्ला हसन अखुंद बना सर्वोच्च नेता, बामियान में बुद्ध की मूर्तियां तुड़वाने की साजिश में शामिल था

Tue, 07 Sep 2021 08:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 07 Sep 2021 08:53 PM IST
सार

अफगानिस्तान का नया प्रधानमंत्री बना मुल्ला हसन अखुंदजादा ने 20 साल तक तालिबानी की शीर्ष निर्णायक संस्था रहबरी शूरा के मुखिया का पद संभाला है। उसका नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में शामिल है। आइए विस्तार से जानते हैं अफगानिस्तान के नए प्रधानमंत्री के बारे में...  
 

विज्ञापन
New Afghan PM: Mullah Hassan Akhund became supreme leader, was involved in a conspiracy to demolish Buddha statues in Bamiyan
मुल्ला याकूब, सिराजुद्दीन हक्कानी, हेबतुल्लाह अखुंदजादा और मुल्ला बरादर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में नई सरकार के एलान के साथ ही मुल्ला हसन अखुंद को देश का नया प्रधानमंत्री घोषित किया गया है। मुल्ला हसन अखुंद फिलहाल रहबारी शूरा (लीडरशिप काउंसिल) का प्रमुख है। रहबारी शूरा तालिबान से संबंधित शक्तिशाली निर्णय लेने वाली संस्था है। मुल्ला हसन अखुंद का जन्म उसी कंधार में हुआ है जिससे तालिबान की भी शुरुआत हुई थी। अखुंद बामियान में बुद्ध की मूर्तियां तुड़वाने की साजिश में शामिल रह चुका है। अखुंद का नाम संयुक्त राष्ट्र की आतंकी सूची में भी शामिल है। बता दें कि अखुंद 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान की पिछली सरकार के दौरान विदेश मंत्री और उप प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया था।

विज्ञापन


सशस्त्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले नेताओं में मुल्ला हसन अखुंद भी शामिल था
अफगानिस्तान में सशस्त्र आंदोलन की शुरुआत करने वाले नेताओं में मुल्ला हसन अखुंद भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अखुंद ने रहबारी शूरा के प्रमुख के रूप में 20 वर्षों तक काम किया और तालिबानी लड़ाकों के बीच उसकी अच्छी पैठ मानी जाती है। तालिबान नेताओं का दावा है कि सैन्य पृष्ठभूमि के बजाय उसकी धार्मिक पृष्ठभूमि अधिक है और वह अपने चरित्र और भक्ति के लिए जाना जाता है। मुल्ला हसन को 20 साल से अधिक से शेख हिबतुल्ला अखुनजादा का करीबी बताया जाता है।  देखना होगा यूएन व विश्वभर के देश इस तालिबानी सरकार पर क्या रुख अपनाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed